
जिस देश की कार में पुतिन ने किया ट्रैवल, अब उसी के खिलाफ उतार दी जंगी जहाज... चीन को किया सपोर्ट
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जापान के खिलाफ चीन के समर्थन में बड़ा सैन्य कदम उठाया. जापान के चारों ओर रूस और चीन के बॉम्बर्स और फाइटर जेट्स ने संयुक्त पेट्रोलिंग की, जिसके जवाब में जापान ने अपने फाइटर जेट तैयार कर लिए. टोक्यो ने इसे अपने सुरक्षा क्षेत्र के खिलाफ 'शक्ति प्रदर्शन' बताया है, जबकि तनाव तेजी से बढ़ रहा है.
भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर में किया, उसी समय एशिया के दूसरे कोने में चीन और जापान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा था. इस बीच रूस ने चीन के साथ मिलकर जापान को एक स्पष्ट संदेश देने वाला बड़ा सैन्य कदम उठाया है. उन्होंने पेट्रोलिंग के लिए परमाणु सक्षम जंगी जहाज चीनी सेना के समर्थन में तैनात कर दिया है.
जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार देर रात रूस और चीन की वायु सेनाओं ने जापान के चारों ओर जॉइंट लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग की. रूस के दो Tu-95 न्यूक्लियर-केपेबल स्ट्रैटेजिक बॉम्बर्स जापान सागर से उड़ान भरकर पूर्वी चीन सागर पहुंचे, जहां वे चीन के दो H-6 बॉम्बर्स के साथ शामिल हुए. इसके बाद इन चारों विमानों ने प्रशांत महासागर में संयुक्त उड़ान भरी.
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यही नहीं, चीन के चार J-16 फाइटर जेट्स भी इन विमानों के साथ जापान के ओकिनावा और मियाको द्वीपों के बीच बने मियाको स्ट्रेट से होकर उड़ान भरते हुए शामिल हुए. यह इलाका अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग माना जाता है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से जापान के लिए बेहद संवेदनशील है.
जापान के खिलाफ चीन-रूस का शक्ति प्रदर्शन
जापान ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने फाइटर जेट तैयार किए और एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में कड़ी निगरानी बढ़ा दी. जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने X पर लिखा, "रूस और चीन की ये संयुक्त गतिविधियां स्पष्ट रूप से हमारे देश के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन हैं, जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है."

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