
जिसके साथ मेरा बचपन बीता, वो आज खुफिया एजेंसी रॉ का चीफ है...IPS रवि सिन्हा के गांव में दोस्तों ने सुनाए किस्से
AajTak
India's New RAW Chief Ravi Sinha: रवि सिन्हा के रॉ चीफ बनने की खुशी में पैतृक गांव के लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार कर रहे हैं. हालांकि, रॉ चीफ रवि सिन्हा के पिता रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ नागेन्द्र प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद उनका पूरा परिवार फिलहाल दिल्ली में ही रहता है.
India's New RAW Chief Ravi Sinha: सीनियर आईपीएस अफसर रवि सिन्हा ने देश के सबसे बड़े खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) के सर्वोच्च पद पर पदस्थापित होकर न केवल परिवारवालों का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे भोजपुर जिले (बिहार) का भी नाम रोशन कर दिया है. छत्तीसगढ़ कैडर के सीनियर आईपीएस रवि सिन्हा (1988 बैच) को रॉ चीफ बनाने के औपचारिक ऐलान के बाद आरा स्थित एमपी बाग मोहल्ला स्थित उनके पैतृक आवास के आसपास लोगों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है.
रवि सिन्हा के रॉ चीफ बनने की खुशी में मोहल्लेवासी एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार कर रहे हैं. हालांकि, पिता रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. नागेन्द्र प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद रवि सिन्हा का पूरा परिवार फिलहाल दिल्ली में ही रहता है.
सीनियर आईपीएस रवि सिन्हा की इस तरक्की से उनके मोहल्ले के दोस्त और पड़ोसियों का सीना फक्र से चौड़ा हो रहा है. एमपी बाग मोहल्ला निवासी सत्यदेव प्रसाद ने बताया कि रवि सिन्हा बचपन से ही काफी मिलनसार और ईमानदार छवि के व्यक्ति हैं.
उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा झारखंड के धनबाद ही हुई थी. रवि सिन्हा के साथ हम लोग बचपन में पतंग उड़ाने के साथ और कई खेल खेलते थे.
पिता के निधन के बाद दिल्ली शिफ्ट हुआ परिवार
दोस्तों ने बताया कि रवि सिन्हा के दिवंगत पिता डॉ नागेन्द्र प्रसाद सिन्हा झारखंड के धनबाद में पोस्टेड थे और वहीं से वो रिटायर्ड भी हो गए थे. जिसके बाद उनका परिवार आरा के एमपी बाग स्थित अपने पैतृक आवास रहने लगा था. उस दौरान उनके पिता अपने पुराने घर को पुर्ननिर्माण करवाया था. लेकिन जब पिता की उनकी मृत्यु हुई उसके बाद रवि अपने मां और भाई के साथ दिल्ली ही शिफ्ट हो गए.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








