
'जानता हूं वे क्रिमिनल नहीं...बेवजह का बवाल क्यों...' आनंद मोहन की रिहाई पर बिहार के नेताओं का क्या है कहना? जी कृष्णैया की हत्या में आनंद मोहन को हुई थी सजा
AajTak
1994 में आईएएस अधिकारी कृष्णैया की मुजफ्फरपुर में हत्या कर दी गई थी. हत्या के मामले में आनंद मोहन को दोषी ठहराया गया था. 1994 के कलेक्टर हत्याकांड में आनंद मोहन सिंह को 2007 में फांसी की सजा सुनाई गई. 2008 में हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था. अब उम्रकैद की सजा काट रहे आनंद मोहन को बिहार सरकार कारा अधिनियम में बदलाव करके जेल से रिहा कर दिया.
बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन गुरुवार को जेल से रिहा हो गए. आनंद मोहन आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे थे. बिहार की नीतीश सरकार ने कारा अधिनियम में बदलाव करके आनंद मोहन समेत 27 कैदियों को रिहा किया है. नीतीश सरकार के इस फैसले को लेकर उनकी आलोचना भी हो रही है. जहां IAS की पत्नी और बेटी ने इस फैसले को दुखद बताते हुए कोर्ट जाने की बात कही. तो वहीं IAS Association ने भी सरकार की आलोचना करते हुए इस फैसले को गलत बताया है. हालांकि, बिहार के ज्यादातर राजनीतिक दलों के नेताओं ने नीतीश सरकार के इस फैसले को सही ठहराया है. विपक्षी बीजेपी भी आनंद मोहन के मुद्दे पर शांत है. हालांकि, पार्टी ने बाकी 26 कैदियों के जरिए M-Y समीकरण साधने का आरोप लगाया है. आइए जानते हैं कि आनंद मोहन की रिहाई पर पार्टियों और नेताओं का क्या रुख है?
कुली से IAS अफसर... DM कृष्णैया की कहानी, जिनकी हत्या के जुर्म में आनंद मोहन को हुई उम्रकैद की सजा
किसने क्या कहा?
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह आनंद मोहन की रिहाई पर उत्साहित दिखे. वे हाल ही में आनंद मोहन के बेटे चेतन की सगाई में पहुंचे थे. यहां वे आनंद मोहन के साथ एक ही गाड़ी में बैठे. इतना ही नहीं काफी देर तक दोनों साथ में घूमते नजर आए. उन्होंने कहा, ''अब आनंद मोहन जी रिहा हो चुके हैं. अब हम लोग एक गाड़ी पर बैठ गए हैं, ये गाड़ी रुकने वाली नहीं है. ये गाड़ी लक्ष्य तक पहुंच कर रुकेगी. हमारा लक्ष्य है बिहार में लोकसभा की 40 सीटों पर जीत. हम बीजेपी को दूर दूर तक नहीं फटकने देंगे.''
बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा, ''आनंद मोहन के बहाने सरकार मानवीय होने का मुखौटा लगाकर जिन 26 अपराधियों को छोड़ने जा रही है वह दुर्दांत हैं और इनमें से 7 तो ऐसे हैं, जिन्हें अभी भी स्थानीय थाने में अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी. सरकार की तरफ से जिन बंदियों को रिहा किया जा रहा है, उनमें से ज्यादातर MY समीकरण में फिट बैठते हैं और उनके बाहुबल का इस्तेमाल सरकार में बैठे लोग आगे चुनाव में करना चाहते हैं.''
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ''आनंद मोहन बेचारे काफी समय तक जेल में रहे, आनंद मोहन तो बलि का बकरा बन गए थे और उनकी रिहाई हुई तो कोई बड़ी बात नहीं है.'' हालांकि कारागार नियमों में बदलाव के बाद जो अन्य कैदियों को रिहाई मिली है उस पर गिरिराज सिंह ने जरूर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि आनंद मोहन की आड़ में जितने लोगों को छोड़ा गया है उसके बारे में समाज पूछ रहा है.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.








