
'जरूरत पड़ी तो युद्ध में फिर लौटूंगा', तेलंगाना के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी की हुंकार, रह चुके एयरफोर्स के फाइटर पायलट
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मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि साल 1982 तक मिग-21 लड़ाकू विमान उड़ाए. बाद में वे मिग-23 जैसे हाई-स्पीड जेट उड़ाने लगे. रेड्डी ने गर्व के साथ कहा कि सिर्फ 20 साल का था, तब मैं एक फाइटर पायलट बन चुका था.
तेलंगाना के सिंचा मंत्री और भारतीय वायुसेना के पूर्व फाइटर पायलट एन उत्तम कुमार रेड्डी ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश के लिए दोबारा युद्ध ड्यूटी पर लौटने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि यदि देश को उनकी जरूरत पड़ी, तो वे फिर से लड़ने के लिए तैयार हैं.
हैदराबाद के गांधी भवन में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उत्तम कुमार रेड्डी ने अपनी सैन्य पृष्ठभूमि को याद किया. उन्होंने बताया कि 16 साल की उम्र में उन्होंने सशस्त्र बलों में प्रवेश किया और 1982 तक मिग-21 लड़ाकू विमान उड़ाए. बाद में वे मिग-23 जैसे हाई-स्पीड जेट उड़ाने लगे. रेड्डी ने गर्व के साथ कहा, "मैं सिर्फ 20 साल का था, तब मैं एक फाइटर पायलट बन चुका था."
22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए रेड्डी ने इसे पाकिस्तान समर्थित करार दिया और धर्म के नाम पर की गई हत्याओं की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सेना की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा, "भारत के पास जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार था."
रेड्डी ने खुलासा किया कि इस ऑपरेशन में भारतीय क्षेत्र से राफेल जेट और कामिकेज ड्रोन तैनात किए गए, जिन्होंने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया.
कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए रेड्डी ने कहा, "जब तक भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस नहीं ले लेता, कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है. मजबूत सैन्य प्रतिक्रिया ही इस दिशा में निर्णायक कदम है." युद्ध की संभावना पर उन्होंने दृढ़ता से कहा, "अगर पूर्ण पैमाने पर युद्ध हुआ और मेरी जरूरत पड़ी, तो मैं फिर से लड़ने के लिए तैयार हूं."

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