
जयशंकर ने लगाई फटकार तो कनाडा देने लगा लोकतंत्र की दुहाई, UN में कहा- विदेशी दखल से खतरा
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कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के लोग भी बताते हैं कि खालिस्तान समर्थक गुट के पास अवैध फंडिंग और पॉलिटिकल पावर इतनी बढ़ चुकी है कि ये कनाडा के गुरुद्वारों से शांतिप्रिय लोगों को बाहर कर चुके हैं. कहा जा रहा है कि कनाडा के सर्री, ब्रैम्पटन, एडमॉन्टन के करीब 30 से अधिक गुरुद्वारे इनके कब्जे में हैं. इन गुरुद्वारों में तमाम पदों पर ऐसे लोगों की भर्ती और तैनाती की जाती है जो खालिस्तान समर्थक होते हैं.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जब से खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए भारत पर आरोप लगाया है. मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध खटाई में पड़ गए हैं. ऐसे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कहा है कि राजनीति के लिए आतंकवाद को बढ़ावा देना गलत है. कनाडा ने भी संयुक्त राष्ट्र में जवाबी पलटवार में कहा है कि विदेशी ताकतों के दखल की वजह से लोकतंत्र खतरे में है.
ट्रूडो के भारत पर आरोप के बाद से दोनों देशों के संबंध खराब होते जा रहे हैं. इस बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कनाडा का नाम लिए बगैर कहा कि अब वो दिन बीत चुके हैं, जब कुछ देश एजेंडा सेट करते थे जबकि दूसरे देश उसी पर चलने की उम्मीद करते थे. आज भी कुछ देश ऐसे हैं, जो एजेंडा सेट करते हैं लेकिन अब यह नहीं चल सकता. सियासी सहूलियत के लिए आतंकवाद, चरमपंथ और हिंसा पर एक्शन नहीं लेना चाहिए. अपनी सहूलियत के हिसाब से क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं हो सकता. अभी भी कुछ देश ऐसे हैं, जो एक तय एजेंडे पर काम करते हैं लेकिन ऐसा हमेशा नहीं चल सकता और इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए. जब वास्तविकता, बयानबाजी से कोसों दूर हो जाती है तो हमारे भीतर इसके खिलाफ आवाज उठाने का साहस होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत ने विभिन्न साझेदारों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है. अब हम गुटनिरपेक्षता के युग से अब विश्व मित्र के रूप में विकसित हो गए है. यह क्वाड के विकास और ब्रिक्स समूह के विस्तार से झलकता है. हम परंपराओं और तकनीक दोनों को आत्मविश्वास के साथ एक साथ पेश करते हैं. यही तालमेल आज भारत को परिभाषित करता है. यही भारत है. कनाडा से लेकर चीन और पाकिस्तान तक पर निशाना साधा. उन्होंने क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की हिदायत से चीन को फटकार लगाई है.
कनाडा ने UNGA में दी लोकतंत्र की दुहाई
संयुक्त राष्ट्र में कनाडा के राजदूत बॉब रे ने कहा कि विदेशी हस्तक्षेप की वजह से लोकतंत्र खतरे में हैं इसलिए राजनीतिक फायदे के लिए झुका नहीं जा सकता है.
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब हम समानता के महत्व पर जोर देते हैं. हमें निष्पक्ष और लोकतांत्रिक समाजों के मूल्यों को बनाए रखना होगा. हम किसी के राजनीतिक फायदे के लिए झुक नहीं सकते. क्योंकि ऐसा देखा जा रहा है कि विदेशी दखल की वजह से लोकतंत्र खतरे में हैं. सच्चाई ये है कि अगर हम उन नियमों का पालन नहीं करते हैं, जिन पर हम सहमत हुए हैं तो हमारे उन्मुक्त समाजों का ताना-बाना टूटने लगेगा.

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