
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकी हमला, दहशतगर्दों ने 3 गैर-कश्मीरी मजदूरों को गोली मारी
AajTak
कश्मीर पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने शोपियां में तीन गैर कश्मीरी मजदूरों पर गोलीबारी की है. घायलों में अनमोल कुमार, पिंटू कुमार ठाकुर और हीरालाल यादव हैं, जो बिहार के जिला सुपौल के रहने वाले हैं.
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों ने गैर-कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाया है. जानकारी के मुताबिक शोपियां के गगरान इलाके में 2 नकाबपोश आतंकवादियों ने तीन गैर कश्मीरी मजदूरों पर फायरिंग कर दी. इस हमले में तीनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. फायरिंग के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. वहीं घटना के तुरंत बाद तीनों को एसएमएचएस अस्पताल श्रीनगर ले जाया गया.
पीड़ितों की पहचान अनमोल कुमार, हीरालाल यादव और पिंटू कुमार ठाकुर के रूप में की गई है. कश्मीर पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने शोपियां में तीन गैर कश्मीरी मजदूरों पर गोलीबारी की है. घायलों में अनमोल कुमार, पिंटू कुमार ठाकुर और हीरालाल यादव हैं, जो बिहार के जिला सुपौल के रहने वाले हैं, उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है. घेराबंदी शुरू की जा रही है.
अधिकारियों ने कहा कि रात लगभग 8:45 बजे दो हथियारबंद नकाबपोश दक्षिण कश्मीर जिले के गगरान गांव में गैर-स्थानीय मजदूरों के किराए के घर में घुस गए और बिहार के तीन मजदूरों पर गोलीबारी की. उन्होंने बताया कि यह आवास सुरक्षा बलों के शिविर से लगभग 150 मीटर की दूरी पर है. अधिकारियों ने बताया कि घायल मजदूरों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एसएमएचएस अस्पताल रेफर कर दिया गया.
एसएमएचएस अस्पताल के बाहर बालमदेव ठाकुर ने कहा कि उनका भतीजा गंभीर रूप से घायल है. उन्होंने बताया कि तीनों पीड़ितों की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. कभी किसी से कोई लड़ाई-झगड़ा भी नहीं हुआ था. उन्होंने बताया कि यहां करीब 20 गैर-स्थानीय लोग रहते हैं जो कि मजदूरी करते हैं. सभी किराए के घर में रहते हैं. बिहार के अब्दुल नज़र ने कहा कि 2 लोग घर में घुस गए और तीनों को गोली मार दी. जब हमने चीखें सुनीं तो हम नीचे थे. 2 लोग गोलीबारी करके भाग गए.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शोपियां में आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि मजदूरों को निशाना बनाने वाले ऐसे बर्बर कृत्य आतंकवादियों और उनके समर्थकों की हताशा और कायरता को उजागर करते हैं. उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों और उनके परिवार के सदस्यों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
इस बीच राजनीतिक दलों ने भी हमले की निंदा की है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट में कहा कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं बिना शर्त इस हमले की निंदा करता हूं और घायलों के लिए मेरी संवेदनाएं हैं.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





