
जनरल, जासूस और ब्लॉगर, अबतक 8... एक-एक कर कौन टारगेट कर रहा पुतिन की 'वॉर टीम' को
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रूस-यूक्रेन जंग में आमने-सामने की लड़ाई में राष्ट्रपति पुतिन को भले ही बढ़त हासिल हो, लेकिन यूक्रेन की खुफिया एजेंसी SBU ने टारगेटेड ऑपरेशन में रूस के बड़े जनरलों और जासूसों की हत्या की है. यूक्रेनी एजेंसियों ने रूस के पक्ष में माहौल बनाने वाले ब्लॉगरों और जंग समर्थकों की भी हत्याएं की हैं.
यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ रहे रूस का एक सीनियर जनरल बम धमाके में मारा गया है. खास बात यह है कि इस जनरल की मौत मॉस्को में एक कार धमाके में हुई है. इस जनरल का नाम लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव है. रूस की इन्वेस्टिगेटिव कमेटी ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की सोमवार सुबह (22 दिसंबर) एक कार के नीचे लगाए गए विस्फोटक डिवाइस के फटने से मौत हो गई
पिछले एक साल में रूस की राजधानी में बम हमलों में मारे जाने वाले वह तीसरे मिलिट्री अधिकारी हैं. इस कमेटी ने बताया कि 56 वर्षीय सरवारोव सशस्त्र बलों के ऑपरेशनल ट्रेनिंग विभाग के प्रमुख थे. इस हमले को पुतिन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
बीबीसी के मुताबिक रूस में अब ये थ्योरी चल रही है कि धमाके वाली में कार में बम को यूक्रेन की इंटेलिजेंस सर्विस की मिलीभगत से लगाया गया था. यूक्रेन ने इस पर कोई कमेंट नहीं किया है. रूसी एजेसियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है.
इन्वेस्टिगेटिव कमेटी ने कहा कि सरवारोव की मौत चोटों की वजह से हुई है. ये कमेटी अब हत्या और विस्फोटक पदार्थों की अवैध तस्करी की जांच शुरू कर दी है.
जांचकर्ताओं को घटनास्थल पर भेजा गया है, जो मॉस्को के दक्षिण में एक अपार्टमेंट ब्लॉक के पास एक कार पार्किंग में है.
इलाके की तस्वीरों में एक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त सफेद किआ सोरेंटो दिख रही है, जिसके दरवाज़े उड़ गए हैं, और वह दूसरी गाड़ियों से घिरी हुई है.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








