जगदीश टाइटलर को 'डेलीगेट' बनाए जाने पर भड़की आम आदमी पार्टी, कांग्रेस पार्टी से निकालने की मांग
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आप नेता और विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस का हाथ 1984 के क़ातिलों के साथ है. सिखों का कत्लेआम कराने वाले जगदीश टाइटलर को प्लेनरी सेशन का सदस्य बनाकर कांग्रेस सिखों के जख्म कुरेद रही है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सिखों के नरसंहार को उचित ठहराकर कातिलों को बचाने का जो सिलसिला शुरू किया था, वह आजतक चला आ रहा है.
कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पूर्ण अधिवेशन का सदस्य बनाए जाने पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं. AAP का आरोप है कि सिखों का कत्लेआम कराने वाले जगदीश टाइटलर को सजा दिलवाने के बजाय कांग्रेस सम्मानित कर रही है. इससे सिख समाज में कांग्रेस के खिलाफ भारी आक्रोश है.
दरअसल, आप नेता और विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस का हाथ 1984 के क़ातिलों के साथ है. सिखों का कत्लेआम कराने वाले जगदीश टाइटलर को प्लेनरी सेशन का सदस्य बनाकर कांग्रेस सिखों के जख्म कुरेद रही है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सिखों के नरसंहार को उचित ठहराकर कातिलों को बचाने का जो सिलसिला शुरू किया था, वह आजतक चला आ रहा है. राहुल गांधी एक ओर तो यह कहते हैं कि वह मोहब्बत की दुकान खोलने आए हैं, जबकि दूसरी ओर जगदीश टाइटलर को पूर्ण अधिवेशन का सदस्य बनाते हैं. सिख नरसंहार मामले में जगदीश टाइटलर के खिलाफ तमाम गवाहों ने कमीशन को सबूत दिए. बावजूद इसके, कांग्रेस उन्हें सम्मान दे रही है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच एक स्पष्ट समझौता हो चुका है कि तुम 1984 के सिख विरोधी दंगों की बात मत करना और हम 2002 के गुजरात दंगों की बात नहीं करेंगे. आप नेता जरनैल सिंह ने कांग्रेस को ऐसी घिनौनी हरकतें तत्काल बंद करने और जगदीश टाइटलर को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस से निकालने की मांग की.
जरनैल सिंह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि 1984 के सिख नरसंहार के प्रमुख आरोपी जगदीश टाइटलर को प्लेनेरी सेशन का निर्वाचित सदस्य बनाया गया है. इस कृत्य से पूरे सिख समुदाय में रोष है. 1984 में दिल्ली की सड़कों पर केरोसिन और टायर डालकर इंसानियत को शर्मसार करने वाला नरसंहार किया गया. तबसे ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इस नरंसहार को यह कहकर उचित ठहराना शुरू कर दिया था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है. जहां पूर्व प्रधानमंत्री का फर्ज बनता था कि कातिलों को सजा दिलवाएं, लेकिन उन्होंने उल्टे उन्हें बचानाशुरू कर दिया. वह सिलसिला आज तक जारी है.
उन्होंने कहा कि इस नरंसहार के आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए कई कमेटियां, कमीशन और एसआईटी बनी, लेकिन आज तक इंसाफ के नाम पर पीड़ित परिवारों के साथ धोखा ही हुआ है. मैं खुद उस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता हूं, जहां पीड़ित परिवार आज भी रहते हैं. पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ की उम्मीद में हैं. उन्हें भरोसा है कि कातिल कभी न कभी सलाखों के पीछे जाएंगे. दूसरी ओर कांग्रेस इन आरोपियों को बड़े-बड़े पद देकर नवाज रही है. कांग्रेस को सोचना चाहिए कि दिल्ली के अंदर जहां कत्लेआम हुआ था, उस विधानसभा के अंदर आपकी संख्या दो बार से जीरो आ रही है. अगर आपने अब भी सबक नहीं लिया तो शायद पूरे देश में जीरो लाने की कोशिश कर रहे हैं.

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