
जंगल में मवेशी चराने गए शख्स को बाघ ने मार डाला, वन विभाग ने लोगों को किया अलर्ट
AajTak
महाराष्ट्र के गोंदिया (Gondia) के जमड़ी वन क्षेत्र में बाघ (tiger) के हमले में 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. इस घटना के बाद वन विभाग ने लोगों से कहा कि जंगल में आते-जाते समय बेहद सावधानी बरतें. वहीं लोगों ने कहा कि बाघ को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए.
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले (Gondia) में बाघ (tiger) के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. जब इस बारे में लोगों को पता लगा तो सूचना वन टीम को दी गई. वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया. लोगों ने मांग करते हुए कहा कि वन विभाग की टीम अभियान चलाकर बाघ को पकड़े. इलाके के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है.
एजेंसी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को जमड़ी वन क्षेत्र के एफडीसीएम रिजर्व जंगल के कंपार्टमेंट नंबर 420 में हुई. मृतक की पहचान 44 वर्षीय बसंत राव धोर के रूप में हुई है. वह कलपथरी गांव का रहने वाला था.
गोंदिया जिले के मानद वन्यजीव रक्षक सवान बाहेकर ने बताया कि बसंत राव अपने पशुओं को चराने के लिए जंगल गए थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे. इसके बाद गांव के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की. काफी खोजबीन के बाद शनिवार की दोपहर उनका आधा खाया हुआ शव वन क्षेत्र में मिला.
यह भी पढ़ें: हाथी, बाघ, तेंदुआ, गुलदार और भेड़िया... कहां-कहां फैला आदमखोरों का आतंक, दहशत में जी रहे लोग
शव की स्थिति देखकर पता चला कि बाघ ने उन पर हमला किया था. बाघ के दांतों के निशान बसंत राव की गर्दन पर मिले हैं. इस घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. वन अधिकारियों ने लोगों को जंगल में अकेले न जाने की सलाह दी है.
गोंदिया जिले के इस इलाके में पहले भी बाघ दिख चुके हैं. वन विभाग अब इस घटना की जांच कर रहा है, साथ ही वन्यजीव अधिकारियों ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है, ताकि बाघों के किसी भी प्रकार के हमले से लोगों को बचाया जा सके. इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और बाघ को पकड़ने की मांग की है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. सोमवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंच पर उन्हें निर्वाचन पत्र सौंपा गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद थे. पीएम मोदी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा कि वे उनके बॉस हैं और अब वे सभी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. देखें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें.

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का आधा टर्म नवंबर 2025 में पूरा हो चुका है, जिससे स्पेकुलेशन बढ़ा. होम मिनिस्टर जी परमेश्वर भी फ्रे में हैं, लेकिन मुख्य जंग सिद्धारमैया-डीके के बीच है. पार्टी वर्कर्स में कन्फ्यूजन है, लेकिन हाई कमांड का फोकस यूनिटी पर है. क्या 29 जनवरी का समन टसल खत्म करेगा या नया ड्रामा शुरू होगा? देखना बाकी है.







