
छात्र नेता के तौर पर सियासत में एंट्री, पिता की हत्या के बाद भारत में शरण, चार बार बांग्लादेश की PM रहीं शेख हसीना की कहानी
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बांग्लादेश में भारी हिंसा के बाद पीएम शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले सेना प्रमुख वकार-उज-जमान हसीना को 45 मिनट के अंदर इस्तीफा देने के लिए अल्टीमेटम दिया था. पीएम शेख हसीना देश छोड़कर किसी सुरक्षित ठिकाने पर चली गई हैं. बताया जा रहा है कि वह भारत जा रही हैं. यह पहली बार नहीं है इससे पहले भी मुश्किलों में आने पर शेख हसीना भारत का रुख कर चुकी हैं.
बांग्लादेश में भीषण आगजनी और हिंसा के बीच हालात बेहद खराब हो गए हैं. इस बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. ढाका ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, शेख हसीना ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है और सेना के विशेष हेलिकॉप्टर से भारत के लिए रवाना हो गई हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि शेख हसीना का राजनैतिक इतिहास क्या रहा है.
शेख हसीने के पूरे परिवार की हत्या कर दी गई थी
शेख हसीना का जन्म 28 सितंबर 1947 को ढाका में हुआ था. उनके पिता बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान थे. हसीना अपने घर की सबसे बड़ी बेटी हैं. उनका शुरुआती जीवन ढाका में गुजरा है. एक छात्र नेता के रूप में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था. शेख हसीना यूनिवर्सिटी ऑफ ढाका में भी स्टूडेंट पॉलिटिक्स में सक्रिय रहीं. लोगों से प्रशंसा मिलने के बाद हसीना ने अपने पिता की आवामी लीग के स्टूडेंट विंग को संभाला था. पांर्टी संभालने के बाद शेख हसीना बुरे दौर से गुजरीं जब उनके माता-पिता और 3 भाईयों की हत्या कर दी गई थी. यह बात साल 1975 की है. इस दौरान सेना ने बगावत कर दी थी और हसीना के परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इस लड़ाई में हसीना के पिता-मां और 3 भाईयों की हत्या कर दी गई. लेकिन हसीना, उनके पति वाजिद मियां और छोटी बहन की जान बच गई थी.
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पिता की हत्या के बाद भारत में ली थी शरण
घरवालों के जाने के बाद शेख हसीना कुछ समय के लिए जर्मनी चली गईं थीं. शेख हसीना के भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से अच्छे रिश्ते थे. जर्मनी के बाद इंदिरा गांधी ने शेख हसीना को भारत बुलाया और फिर वह कुछ सालों तक दिल्ली में रहीं. इसके बाद 1981 में शेख हसीना अपने वतन बांग्लादेश वापस लौंटी. बांग्लादेश जाने के बाद शेख हसीना से वापस अपनी पार्टी ज्वॉइन की और कार्यभार संभाला. अपने कार्यकाल में उन्होंने पार्टी में कई बदलाव किए. शेख हसीना ने 1968 में भौतिक विज्ञानी एम. ए. वाजेद मियां से शादी की थी. जिससे उनका एक बेटा सजीब वाजेद और बेटी साइमा वाजेद हैं.

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