
'छाती पर गोली मारो, हम पीछे नहीं हटेंगे', BJP विधायक रही महिला नेता की कलेक्टर से बहसबाजी
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26 जुलाई को ही मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने चाचौड़ा पहुंचकर पार्वती कालीसिंध चम्बल परियोजना का शिलान्यास किया था. CM ने इस योजना को किसानों के लिए लाभदायक बताया था, लेकिन परियोजना शुरू होने से पहले इलाके के किसान सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश के गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा में किसान आंदोलन तेज हो गया है. पार्वती कालीसिंध परियोजना के विरोध में हजारों किसान ट्रैक्टर लेकर सड़क पर उतर गए. किसानों ने बताया कि परियोजना को बिना जमीनी सर्वे करे स्वीकृति दे दी गई. अगर इलाके में डैम बनता है तो घाटाखेड़ी समेत 80 से ज्यादा गांव डूब जाएंगे. वहीं, किसानों की मांगों को लेकर पूर्व विधायक ममता मीना भी मैदान में उतर गईं.
BJP विधायक रह चुकीं ममता मीना ने कह दिया, ''डैम के अंदर मुझे भी चुनवा दो, हम सीने पर गोली खा लेंगे, लेकिन डैम नहीं बनाने देंगे. ममता मीना ने कहा कि चाचौड़ा के पानी से राजस्थान की बंजर भूमि को सिंचित करने के लिए योजना बनाई गई है. ये परियोजना किसान हितैषी नहीं है.
किसान आंदोलन में कांग्रेस के विधायक जयवर्धन सिंह और बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल भी शामिल हो गए. जयवर्धन सिंह ने ममता मीना की बात का समर्थन करते हुए कह दिया कि Dam की जब आवश्यकता ही नहीं है तो बनाया क्यों जा रहा है?
परियोजना के विरोध में हजारों किसानों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. इसी दौरान जब किसान कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए कार्यालय पहुंचे तो बहसबाजी हो गई. कलेक्टर और किसानों की बहसबाजी का वीडियो भी वायरल हो रहा है.
कलेक्टर ने किसानों को सख्त नसीहत देते जवाब दे दिया कि यदि किसी ने कानून तोड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आपने ज्ञापन दे दिया है तो उसे शासन तक पहुंचा दिया जाएगा. किसानों ने भी कलेक्टर से कह दिया, ''हमें जेल भेजने की धमकी मत दो.'' ममता मीना ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा, ''ये तो ट्रेलर है. पिक्चर अभी बाकी है. पार्वती कालीसिंध परियोजना की जगह दो छोटे डेम बनाए जाएं तो सभी के लिए लाभदायक रहेगा.'' कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने बयान देते हुए कहा कि परियोजना की जरूरत ही नहीं थी, फिर इसे लागू क्यों किया जा रहा है. सरकार किसानों पर तानाशाही करना चाहती है. कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने किसानों को धमकाते हुए कहा कि परियोजना शुरू होने से पहले ही सभी बातों को बताया गया था. शासन ने किसानों के लिए योजना तैयार की है. परियोजना में कई किसानों को लाभ मिलेगा. हालांकि, कुछ किसानों की जमीनें डूब जाएंगी. उनके लिए व्यवस्था की जा रही है. इस मामले में चाचौड़ा से बीजेपी विधायक प्रियंका मीना भी बैकफुट पर हैं. प्रियंका ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से भोपाल में चर्चा की तस्वीरें साझा की हैं. उन्होंने पार्वती कालीसिंध परियोजना में सुधार के लिए पत्र भी दिया है. बता दें कि बीती 26 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने चाचौड़ा पहुंचकर पार्वती कालीसिंध चम्बल परियोजना का शिलान्यास किया था. मोहन यादव ने इस योजना को किसानों के लिए लाभदायक बताया था, लेकिन परियोजना शुरू होने से पहले इलाके के किसान सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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