
चुनावी जीत की कितनी बड़ी गारंटी बन सकते हैं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट?
AajTak
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद तो उत्तर प्रदेश सर्वाधिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन गया है. एक ऐसा प्रदेश जहां बड़े बड़े एक्सप्रेसवे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स कहीं ना कहीं चुनावी जीत की बड़ी गारंटी तो देते हैं, लेकिन क्या ये विकास की राजनीति सिर्फ लोगों को लुभाने के लिए की जा रही है. उत्तर प्रदेश की जनता को इस सियासी विकास कितना विश्वास है. विकास के इस हाइवे पर क्या है जनता की राय ? जानने के लिए देखें ये वीडियो.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










