
चीन से नहीं भारत-तिब्बत से मिलता है नेपाली नागरिकों का DNA, नई रिसर्च में दावा
AajTak
चीन लगातार दावा करता रहता है कि नेपालियों का DNA उनसे मैच खाता है. अब एक नई रिसर्च सामने आई है जिसने चीन के दावों की हवा निकाल दी है. कहा गया है कि नेपालियों का डीएनए भारत से मिलता है.
चीन लगातार ऐसा दावा करता रहा है कि नेपाली लोगों का डीएनए उनसे मिलता है, कई मौकों पर उसकी तरफ से समान कनेक्शन दिखाने की कोशिश की गई है. लेकिन अब चीन के उन दावों की हवा एक रिसर्च ने निकाल दी है. एक रिसर्च से बात निकलकर सामने आई है कि नेपाल वासियों का DNA भारत और तिब्बती लोगों के काफी करीब है, ना कि चीन से मेल खाता है. CSIR- सेलुलर और आणविक जीवविज्ञान केंद्र(CCMB) हैदराबाद और BHU के वैज्ञानिकों ने मिलकर नेपाल की आबादी में मातृत्व वंश पर रिसर्च की है. यह अध्ययन 15 अक्टूबर को जेनेटिक्स पत्रिका में प्रकाशित भी हो चुका है.
रिसर्च में क्या बताया गया है?
अध्ययन में शामिल काशी हिंदू विवि के जंतु विज्ञान के वैज्ञानिक ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि नेपाल के त्रिभुवन विवि के एक छात्र नेपाल में रहने वाले 18 पॉपुलेशन का सैंपल लेकर सेंटर फॉर डीएनए फिंगर प्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक (CDFD) हैदराबाद गए थे. वहां उस सैंपल का जीनोमिक एनालिसिस हुआ. जिसमें उनका भी सहयोग रहा. हम लोगों ने नेपाल को तिब्बत और भारत के परिप्रेक्ष्य में मातृत्व के लिहाज से DNA मैच कराया. नतीजा ये आया कि नेपाल की घाटी में रहने वाले लोग भारत के ज्यादा नजदीक थे, जबकि ऊंचाई पर रहने वाले जैसे शेरपा लोग तिब्बतियों के नजदीक के निकले. लेकिन कुल मिलाकर भारत के साथ नेपाल की नजदीकी इस अध्ययन में बहुत ज्यादा निकली जो सांस्कृतिक रूप से भी है और आर्कियोलॉजिकल रूप से भी. तिब्बत का जीन जो माइग्रेट करके नेपाल आया वे नेपाल के पूरी आबादी में कम या ज्यादा है. जबकि गंगा की तरफ जीरो है. इसका मतलब है कि तराई का क्षेत्र नेचुरल बैरियर की तरह का काम किया था. जहां से नार्थ इंडियन जीन नेपाल की तरफ चला गया, लेकिन नेपाल के इस्ट एशियन यानी तिब्बतीयन जीन गंगा प्लेन की तरफ नहीं आया. नेपाल को लेकर चीन के दावे पर भी प्रो ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि चीन के साथ नेपाल का जीन नहीं मिल रहा है, अगर मिल भी रहा है तो तिब्बत और भारत के साथ.
वहीं इस रिसर्च पर डीबीटी-सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स (सीडीएफडी), हैदराबाद के निदेशक डॉ के थंगराज ने कहा कि नेपाली लोगों पर यह पहला सबसे बड़ा अध्ययन है, जहां हमने नेवार, मगर, शेरपा, ब्राह्मण, थारू, तमांग और काठमांडू और पूर्वी नेपाल की आबादी सहित नेपाल के विभिन्न जातीय समूहों के 999 व्यक्तियों के माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए सीक्वेंस का विश्लेषण किया है.
वैज्ञानिकों ने क्या बोला?
इस अध्ययन के पहले लेखक राजदीप बसनेट ने बताया कि इस अध्ययन से प्राप्त परिणामों ने शोधकर्ताओं को इतिहास और अतीत की डेमोग्राफ़िक घटनाओं के बारे में काफी कुछ बताया है. हमारे अध्ययन से पता चला है कि नेपालियों के प्राचीन अनुवांशिक डीएनए को धीरे-धीरे विभिन्न मिश्रण एपिसोड द्वारा बदल दिया गया था, साथ ही दक्षिणपूर्व तिब्बत के रास्ते 3.8-6 हजार साल पहले लोगों के हिमालय पार करने के प्रमाण मिले हैं. इतिहास, पुरातात्विक और आनुवंशिक जानकारी का उपयोग करते हुए इस अध्ययन ने हमें नेपाल के तिबेतो-बर्मन समुदायों के जनसंख्या इतिहास को समझने में मदद की है.'

Guna Hawala Scandal: गुना का हाईप्रोफाइल हवाला कांड अब एक नई करवट ले रहा है. जहां एक तरफ ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच टीम गुजरात के व्यापारी को बयान के लिए बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के तबादले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. 'लेडी सिंघम' हितिका वासल ने कमान संभाल ली है, लेकिन अंकित सोनी के समर्थन में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.










