
चमत्कार नहीं साजिश! जानिए त्र्यंबकेश्वर में शिवलिंग पर जमी बर्फ की सच्चाई
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नासिक में पिछले साल त्र्यंबकेश्वर मंदिर (Trimbakeshwar Mandir) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था. इसमें दावा किया गया था कि मंदिर में पिंडी पर बर्फ की परतें जम गई हैं. इस मामले में 8 महीने बाद जांच के दौरान पाया गया कि ये मामला फर्जी था. इसमें मंदिर के ही तीन पुजारियों को आरोपी पाया गया है, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
बीते साल 30 जून को त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पिंडी पर बर्फ की परतें जमने की खबर सोशल मीडिया खूब चर्चा में रही थी. इसका एक वीडियो भी काफी वायरल हुआ था. इसके जरिए दावा किया जा रहा था कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर की पिंडी पर बर्फ जमा हो गई. जांच के दौरान ये मामला फर्जी पाया गया है. साथ ही इसमें तीन पुजारी आरोपी पाए गए हैं.
गर्भगृह के तापमान को देखते हुए लोगों ने जताया था संदेह
गौरतलब है कि वायरल वीडियो में मंदिर में बर्फ जमने के मामले में कई लोगों ने जलवायु और गर्भगृह के तापमान को देखते हुए संदेह जताया था. महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने मांग की थी कि इस मामले में मंदिर के cctv फुटेज देखकर तथ्य सामने रखे जाएं. लेकिन मंदिर प्रशासन ने फुटेज सार्वजनिक करने से मना किया था.
मंदिर के तीन पुजारियों ने ही पिंडी पर डाली थी बर्फ
इसके बाद मामले में जांच समिति का गठन किया गया और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. इस दौरान पता चला कि मंदिर के तीन पुजारियों ने ही यह बर्फ पिंडी पर डाली थी. इसके बाद गर्भगृह के पुजारी सुशांत तुंगार और उसके मददगारों आकाश तुंगार और उल्हास तुंगार के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (3), 417 और 120 (बी) के तहत केस दर्ज किया गया.
केस दर्ज करने में 8 महीने क्यों लगे- अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति इस संबंध में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति और सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा चांडगुडे ने कहा कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. समिति ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. साथ ही कहा कि इस बात की जांच भी होनी चाहिए कि मामले में केस दर्ज करने में 8 माह का समय क्यों लगा.

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