
शादी-तलाक और संपत्ति की वसीयत के नियम एक जैसे होंगे... गुजरात में आ रहे UCC बिल को 5 points में समझें
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गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं. स्पेशल कमिटी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है. राज्य सरकार बजट सत्र में इस बिल को विधानसभा में पेश कर सकती है.
गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के लिए बनाई गई स्पेशल कमिटी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट में शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचे का सुझाव दिया गया है.
रिपोर्ट में महिलाओं के समान अधिकारों और उनके संरक्षण को तरजीह दी गई है. समिति की अध्यक्ष, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने बताया कि ये कानूनी ढांचा सभी धर्मों के लिए एक जैसा होगा.
रिपोर्ट में महिलाओं के समान अधिकारों और उनके संरक्षण को तरजीह दी गई है. समिति की अध्यक्ष, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने बताया कि ये कानूनी ढांचा सभी धर्मों के लिए एक जैसा होगा. शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मुद्दों पर सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक जैसे कानून को मानना होगा.बजट सत्र के दौरान पेश हो सकता है बिल सूत्रों के मुताबिक, गुजरात सरकार चल रही इसी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में यूसीसी पर ड्राफ्ट बिल पेश कर सकती है. 25 मार्च को बजट सत्र का आखिरी दिन है और हो सकता है कि सरकार इसी दिन इस बिल को सदन में पेश करें.
गुजरात के नेताओं से लिया गया फीडबैक
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने समिति के गठन के समय कहा था कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश भर में यूसीसी लागू करने के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए समिति ने बड़े स्तर पर काम किया है. समिति के सदस्यों ने गुजरात के सभी जिलों का दौरा किया और राजनीतिक नेताओं और धार्मिक गुरुओं से फीडबैक लिया.
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