
चंद्रशेखर आजाद ने यूपी सरकार की बुलडोजर कार्यवाई पर कसा तंज, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया सही
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चंद्रशेखर आजाद ने कहा,
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्यवाई पर तीखा हमला बोला है. वे आज अम्बेडकरनगर की कटेहरी विधानसभा में अपने प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे. यहां उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने सरकार को उसकी औकात दिखा दी है.
कोई भी सरकार अपने आप को तानाशाह न समझेः चंद्रशेखर आजाद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, "जब तक न्यायपालिका है, कोई भी सरकार अपने आप को तानाशाह न समझे. जिन अधिकारियों ने बिना दोष सिद्ध किए सरकार को खुश करने के लिए बुलडोजर चलाया, अगर उनके खिलाफ कार्रवाई हो जाए तो फिर उनके सपनों में भी बुलडोजर नहीं आएगा. यह सरकार के गाल पर एक जोरदार तमाचा है. अब सरकार ऐसा कुछ करने से पहले सौ बार सोचेगी."
"बंटेंगे तो कटेंगे" पर क्या बोले चंद्रशेखर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के "बंटेंगे तो कटेंगे" वाले बयान पर चंद्रशेखर ने कहा, "पूरा सिस्टम आपके पास है, आपको जनता से यह कहना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं और डरने की कोई जरूरत नहीं है. डराने वाले नारे देकर वोट के लिए माहौल खराब किया जा रहा है." सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आलोचनाओं के बाद केवल दिखावे के लिए एफआईआर दर्ज करने की बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि इस मुद्दे पर जब आलोचनाएं बढ़ीं और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई.
प्रयागराज में छात्रों के आंदोलन को सही बताते हुए चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार की वन नेशन, वन इलेक्शन नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "जब केंद्र सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन का दावा करती है, तो फिर एक दिन में एक शिफ्ट परीक्षा क्यों नहीं करवा सकती? यह सरकार युवाओं के रोजगार के खिलाफ है और युवाओं का विरोध करती है."

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









