
घोड़े-खच्चरों ने बढ़ाई केदारनाथ जाने वालों की टेंशन, बोले- लग जाता है रास्ते में जाम
AajTak
केदारनाथ धाम की यात्रा निरंतर जारी है. अभी तक 8 लाख 50 हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि मानसून सीजन शुरु होने से पहले लगभग 12 लाख यात्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकते हैं.
विश्व विख्यात केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ रहे भक्त बाबा भोलेनाथ के दर्शन करके बेहद खुश हैं, लेकिन कई भक्त ऐसे भी हैं जो पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के चलने और सीतापुर और सोनप्रयाग में लग रहे जाम से परेशान हैं. यात्रियों का कहना है कि धाम पहुंचर उन्हें अच्छे से दर्शन हो रहे हैं, लेकिन यात्रा के शुरुआती चरण में ही जाम और घोड़े-खच्चरों से धक्के खाकर केदारनाथ पहुंचना पड़ रहा है. ऐसे में उन्हें परेशानियां हो रही हैं. दरअसल, केदारनाथ धाम की यात्रा निरंतर जारी है. अभी तक 8 लाख 50 हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि मानसून सीजन शुरु होने से पहले लगभग 12 लाख यात्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकते हैं.
केदारनाथ यात्रा का आकंडा पिछले साल की यात्रा की तुलना में लगातार बढ़ता जा रहा है. हेलीकाप्टर सेवाओं से अभी तक 42 हजार के लगभग यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किये हैं. जबकि शेष यात्री पैदल, घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी से ही धाम पहुंचे हैं.
बाबा केदार के दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं
केदारनाथ धाम में लगातार बढ़ रही भक्तों की भीड़ के बाद बद्री-केदार मंदिर समिति ने केदारनाथ मंदिर के कपाट खोलने के समय में भी बदलाव किया है. रात के समय भी मंदिर के कपाट खुले हैं, जिससे यात्री रात के समय भी दर्शन कर रहे हैं. केदारनाथ धाम में हो रहे दर्शनों से यात्री बेहद खुश हैं. यात्रियों का कहना है कि यहां अच्छे से उन्हें दर्शन हो रहे हैं. दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं हैं.
घोड़े-खच्चरों से आ रही परेशानी
वहीं, धाम की यात्रा पर पहुंच रहे यात्रियों का कहना है कि यात्रा शुरू करने से पहले ही उन्हें परेशानियां हो रही हैं. सीतापुर और सोनप्रयाग में उन्हें घंटों तक जाम में फंसना पड़ रहा है. पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों और पैदल चलने वाले यात्रियों के एक साथ चलने से उन्हें भारी दिक्कतें हो रही हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










