
'घर चलाने के लिए छोटी सी दुकान खोली थी, उसे भी तोड़ दिया', शाहीन बाग में बुलडोजर की कार्रवाई पर रोती हुई बोली महिला
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सोमवार सुबह करीब 11 बजे MCD ने अपनी कार्रवाई शुरू करने पहुंची थी. लोगों के विरोध के बीच सड़क किनारे मौजूद कुछ अवैध खोमचों को तोड़ दिया गया. इस बीच स्थानीय लोगों और नेताओं ने एमसीडी की इस कार्रवाई का विरोध किया.
शाहीन बाग में एमसीडी की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक महिला की दुकान को तोड़ दिया. दुकान पर हुई कार्रवाई के बाद महिला ने रोते हुए कहा कि कार्रवाई से पहले न तो किसी ने कुछ बताया और न ही कोई नोटिस मिला. उन्होंने बताया कि पहले सब्जी वगैरह बेचती थी, बाद में घर चलाने के लिए छोटी सी दुकान खोल ली थी, जिसे निगम की टीम ने तोड़ दिया. इस दौरान महिला के हाथ में कुछ कागजात भी थे.
वहीं, महिला के साथ मौजूद लोगों ने कहा कि एमसीडी हम जैसे लोगों को रूला रही है. एमसीडी के पीछे जो लोग हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि क्या हम गरीबों का आंसू उन्हें दिख रहा है? क्या दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के घर पर बुलडोजर चलवाएंगे वो? लोगों ने कहा कि ये कार्रवाई सिर्फ एक स्टंट है. महिला के साथ मौजूद एक युवक ने कहा कि किसी को भी कार्रवाई से पहले नोटिस नहीं दिया गया है. युवक ने कहा कि अगर सरकार को संविधान पर भरोसा नहीं है तो फिर एक बुलडोजर सुप्रीम कोर्ट पर भी चला दें.
BJP और MCD के खिलाफ नारेबाजी
शाहीन बाग में एमसीडी की टीम पहुंचते ही लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया. विरोध कर रहे लोगों ने दिल्ली नगर निगम और भारतीय जनता पार्टी के विरोध में नारेबाजी की. विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि हमारा विरोध सामान्य नहीं बल्कि रोटी के लिए विरोध है. इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस की टीम ने कार्रवाई के बीच में नारेबाजी कर रहे लोगों को वहां से हटा दिया.
विरोध कर रहीं महिलाओं को हिरासत में लिया
एमसीडी की इस कार्रवाई का विरोध करने वालों में महिलाएं भी शामिल रही. कई महिलाएं अतिक्रमण हटाने के लिए लाए गए बुलडोजर के आगे आकर खड़ी हो गईं. महिलाओं ने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले एमसीडी को पहले उनपर बुलडोजर चलाना होगा.

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