
गोवा CM की पत्नी ने संजय सिंह पर ठोका ₹100 करोड़ के मानहानि का केस, जानें पूरा मामला
AajTak
कई उम्मीदवारों ने गोवा में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उन्हें ऐसे कई लोगों को लाखों का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया, जिन्होंने उनसे गोवा सरकार में नौकरियां दिलाने का वादा किया था. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि राज्य पुलिस कथित कैश-फॉर-जॉब स्कैम की पारदर्शी जांच कर रही है.
गोवा की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की पत्नी द्वारा दायर 100 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने संजय सिंह से 10 जनवरी 2025 तक जवाब मांगा है. दरअसल, गोवा में पिछले कुछ दिनों से चर्चा में चल रहे 'कैश फॉर जॉब' मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनकी पत्नी पर आरोप लगाए थे. ये आरोप दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए थे. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने संजय सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि 'कैश फॉर जॉब' मामले से उनके परिवार का कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी थी. भाजपा प्रवक्ता गिरिराज पई वर्णेकर ने बताया कि प्रमोद सावंत की पत्नी सुलक्षणा सावंत की ओर से नॉर्थ गोवा के बिचोलिम डिवीजन कोर्ट में संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है. कोर्ट की ओर से संजय सिंह को नोटिस भेजा गया है.
यह भी पढ़ें: गोवा में गरमाया नौकरी के बदले कैश का मामला, AAP नेताओं पर मानहानि का मुकदमा करेंगे CM प्रमोद सावंत
सुलक्षणा सावंत ने अपनी शिकायत में, अपने वकीलों के माध्यम से अदालत से अनुरोध किया कि संजय सिंह को एक माफीनामा प्रकाशित करने का निर्देश दिया जाए जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि उक्त अपमानजनक वीडियो/लेख और साक्षात्कार झूठे हैं, तथ्यों पर आधारित नहीं हैं, और वह बिना शर्त माफी मांगें. शिकायतकर्ता ने अदालत से यह भी आग्रह किया कि वह संजय सिंह को सोशल मीडिया या व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर उन्हें बदनाम करने वाले सभी बयान और पोस्ट हटाने का निर्देश दे.
कई उम्मीदवारों ने गोवा में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उन्हें ऐसे कई लोगों को लाखों का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया, जिन्होंने उनसे गोवा सरकार में नौकरियां दिलाने का वादा किया था. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि राज्य पुलिस कथित कैश-फॉर-जॉब स्कैम की पारदर्शी जांच कर रही है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









