
गोवा के Ex. CM और कांग्रेस नेता लुइजिन्हो फलेरियो थामेंगे TMC का दामन; विधानसभा से दिया था इस्तीफा
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लुइजिन्हो फलेरियो ने कहा कि गोवा में कांग्रेस पार्टी वह दल नहीं है जिसके लिए हमने कुर्बानी दी और लड़ाईयां लड़ीं.’’ इसके संस्थापक सदस्यों इंदिरा जी, राजीव जी और आपके (सोनिया गांधी) आदर्शों एवं सिद्धांतों के विपरीत काम हो रहा है.’’
पणजीः कांग्रेस विधायक के तौर पर इस्तीफा दे चुके गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुईजिन्हो फ़ालेयरो बुधवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनजी की मौजूदगी में तृणमूल में शामिल होने वाले हैं. यहां तृणमूल सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी.लुईजिन्हो फ़ालेयरो ने सोमवार को राज्य विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था,तभी से उनके ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने की संभावना थी. TMC अगले साल होने जा रहे गोवा विधानसभा के चुनाव लड़ने वाली है. इस्तीफा देने से कुछ मिनट पहले फलेरियो ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ की और कहा कि देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने के लिए उनके जैसे नेता की जरूरत है. फलेरियो नवेलिम विधानसभा सीट से विधायक थे. उन्हें अगले साल होने वाले राज्य चुनावों के मद्देनजर गोवा कांग्रेस की प्रचार समिति का प्रमुख बनाया गया था. फलेरियो ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर को अपना इस्तीफा सौंपा था. फलेरियो के इस्तीफे के साथ 40 सदस्यीय सदन में कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर चार हो गई है. जुलाई 2019 में, 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी और सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे.
जाते-जाते सोनिया को लिखी भावनात्मक चिट्ठी जाते-जाते फलेरियो ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक भावनात्मक खत लिखा और बताया कि कैसे 2017 के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद भी कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई. गोवा में 4 फरवरी 2017 को चुनाव नतीजे आए थे. नतीजों के मुताबिक 40 सीटों वाली गोवा विधान सभा में कांग्रेस को 17 सीटें मिलीं जबकि बीजेपी को 13. कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन फिर भी सत्ता दूसरे नंबर की पार्टी यानी बीजेपी के पास गई. बीजेपी के मनोहर पर्रिकर फिर एक बार राज्य के मुख्यमंत्री बने. चुनावी सफलता हासिल करने के बावजूद भी सरकार बना पाने में कांग्रेस कैसे असफल रही इस पर फलेरियो ने अपने खत में रोशनी डाली है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

Pinaka LRGR-120: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है, जिसने दुश्मनों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्वदेशी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' अब इतना ताकतवर और सटीक हो गया है कि वह 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के कमांड सेंटर को पलक झपकते ही तबाह कर सकता है. इसी बीच खबर यह भी है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, US की रिपोर्ट में भी पिनाका रॉकेट की तारीफ की है.






