
गुड न्यूज़! सस्ते में करें ज्योतिर्लिंग तक की तीर्थ यात्रा, रेलवे ने चलाई स्वदेश दर्शन स्पेशल ट्रेन
AajTak
IRCTC के संयुक्त महाप्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर आईआरसीटीसी का प्लान है कि देश के श्रद्धालुओं को सब्सिडी पैकेज पर देश के धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाए. उन्हीं के मार्गदर्शन में स्वदेश दर्शन ट्रेन चलाने का IRCTC ने निर्णय लिया था.
Pilgrim Special Train: बिहार के श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है. आईआरसीटीसी (IRCTC) ने श्रद्धालुओं को देश के कई धार्मिक स्थलों का दर्शन कराने के लिए स्वदेश दर्शन स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है. इस ट्रेन का श्रद्धालुओं की ओर से बढ़ती मांग को देखते हुए IRCTC वातानुकूलित (3एसी) और स्लीपर कोच के साथ जयनगर से ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए 21 जनवरी को स्वदेश दर्शन ट्रेन चलाएगी. ये ट्रेन जयनगर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, पटना और गया से तीर्थ यात्रियों को लेते हुए तिरुपति बालाजी मंदिर, कन्याकुमारी टैम्पल विवेकानंद रॉक, रामेश्वरम और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का दर्शन कराते हुए 31 जनवरी को वापस लौट आएगी.
IRCTC के संयुक्त महाप्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर आईआरसीटीसी का प्लान है कि देश के श्रद्धालुओं को सब्सिडी पैकेज पर देश के धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाए. उन्हीं के मार्गदर्शन में स्वदेश दर्शन ट्रेन चलाने का IRCTC ने निर्णय लिया था. जिसकी डिमांड काफी बढ़ गई है. बता दें कि समस्तीपुर रेलमंडल के जयनगर स्टेशन से खुलने वाली यह ट्रेन 11 दिनों में श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थलों का दर्शन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
21 जनवरी को जयनगर से खुलेगी स्वदेश दर्शन स्पेशल ट्रेन
बिहार में श्रद्धालुओं के विशेष मांग पर स्वदेश दर्शन ट्रेन दिनांक 21 जनवरी को जयनगर से खुलेगी. यह ट्रेन मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, पटना और गया स्टेशन पर रुकने के बाद राजधानी एक्सप्रेस की तरह बिना रुके धार्मिक स्थलों का दर्शन कराएगी. इसके समय सारणी को लेकर रेलवे के अधिकारियों ने प्लान तैयार कर लिया है. स्वदेश दर्शन ट्रेन यात्रियों को तीर्थ स्थलों का दर्शन कराते हुए ये ट्रेन 31 जनवरी को जयनगर वापस लौट आएगी.
तिरुपति बालाजी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग सहित कई तीर्थ स्थलों का श्रद्धालु करेंगे दर्शन
IRCTC ने स्वदेश दर्शन स्पेशल ट्रेन से 11 दिनों के अंदर यात्रियों को महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का दर्शन कराने पूरा खाका तैयार किया है. इस बार जयनगर से खुलने वाली इस ट्रेन से तिरुपति बालाजी मंदिर, कन्याकुमारी टैम्पल विवेकानंद रॉक, रामेश्वरम और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का दर्शन करवाया जाएगा.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








