
गुजरात में एक दशक में बना डेढ़ KM लंबा ओवरब्रिज, 331 करोड़ रुपये है लागत
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गुजरात में डेढ़ किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज को बनाने में 10 साल लग गए. कच्छ जिले के भुज को जोड़वे वाले हाईवे पर बने भुजोडी ओवरब्रिज को तीन साल में बनना था लेकिन इसका निर्माण 10 साल के बाद पूरा हो पाया है. गुजरात के मंत्री पूर्णेश मोदी ने आज इस ओवरब्रिज का लोकार्पण किया है.
कच्छ के भुज को जोड़ने वाले प्रमुख हाइवे पर ओवरब्रिज बनने काम 10 साल के बाद जाकर खत्म हुआ है. गुरुवार को गुजरात सरकार के सड़क एवं ट्रांसपोर्ट मंत्री पूर्णेश मोदी और विधानसभा स्पीकर निमाबेन आचार्य ने इस ओवरब्रिज का लोकार्पण किया. भुज से भचाऊ (भुज-अहमदाबाद हाइवे) को जोड़ने हाइवे पर बने भुजोडी ओवरब्रिज को बनाने का काम 2012 में शुरू किया गया था.
गुजरात राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड की ओर से वलेचा समूह को इस ओवरब्रिज को बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी. शुरुआत में इसकी लागत 256.94 करोड़ रुपए थी, लेकिन महज तीन साल यानी कि 2015 में फंड की कमी के चलते इस ओवरब्रिज का काम रूक गया. काम रूकने के बाद कच्छ के लोगों ने इस मुद्दे पर राजनेताओं और भाजपा सरकार से नाराजगी जताई.
बताया जा रहा है कि लोगों की नाराजगी के बाद इस परियोजना की लागत को बढ़ाया गया जिससे लागत राशि 330.94 करोड़ तक पहुंच गई. इसके बावजूद ओवरब्रिज का निर्माण धीमी गति से चलता रहा. अब 10 साल बाद भुजोड़ी ओवरब्रिज बन पाया है. उधर, स्थानीय लोगों ने परियोजना में देरी के चलते सरकार की आलोचना की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने एक प्रमुख हाइवे को जोड़ने वाले ओवरब्रिज को बनाने में 10 साल लगा दिए.
विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मुद्दा रहा था ओवरब्रिज
गौरतलब है कि 2012 और 2013 के विधानसभा चुनाव और 2014 और 2015 के लोकसभा चुनाव में भुजोड़ी ओवरब्रिज कच्छ का मुख्य मुद्दा बना रहा लेकिन किसी विधायक या मंत्री ने जनता के इस मुद्दे को जल्द हल करने के बारे नहीं सोचा.
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