
'गांधी से मुझे नफरत है, बयान पर कोई पछतावा नहीं', जेल से रिहा होने के बाद बोला कालीचरण महाराज
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Aajtak से बातचीत में कालीचरण महाराज ने कहा कि उसे महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का कोई पछतावा नहीं है. जिस गांधी ने सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया और जिस गांधी ने शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह को पथभ्रष्ट देशभक्त कहा, उस गांधी से मुझे नफरत है.
रायपुर धर्म सांसद में महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण महाराज 90 दिन बाद जमानत पर जेल से छूटा और मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचा. Aajtak से बातचीत में कालीचरण ने कहा कि गांधी जी को लेकर की गई टिप्पणी का उसे कोई पछतावा नहीं है.
राजद्रोह के मामले में जमानत पर बाहर कालीचरण ने आगे कहा, मैंने गांधी के बारे में जो कहा, उसका मुझे कोई अफसोस नहीं है. मैं गांधी का अनुयायी था, मैंने वह सब किया जो उन्होंने कहा था. लेकिन जब मैंने के बारे में पढ़ा तो मुझे एहसास हुआ कि उन्होंने धर्म के लिए क्या किया? उसके बाद मैं गांधी से नफरत करने लगा.
शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह को हथियार रखने के कारण 'पथभ्रष्ट देशभक्त' कहा गया, इसलिए मुझे गांधी से नफरत है. गांधी ने सरदार पटेल को पीएम बनने से रोका इसलिए मुझे गांधी से नफरत है. वहीं, अपने बयान में कालीचरण ने साफ किया, मैं धर्म गुरु नहीं हूं. मैं कालीमाता का पुत्र हूं. मेरा देश मेरी मां है, और मेरा कोई पिता नहीं है.
कालीचरण ने कहा, मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं. संविधान ने मुझे नाथूराम गोडसे की स्तुति करने का अधिकार दिया है. मैं जेल जाने से नहीं डरता. चिंता की बात नहीं है. मैं देश के लिए अपने प्राणों की आहूति देने को तैयार हूं.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके में 25 और 26 दिसंबर 2020 को धर्म संसद का आयोजन किया गया था. इसी कार्यक्रम में महाराष्ट्र के अकोला के रहने वाले कालीचरण ने महात्मा गांधी को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं. इसके बाद कालीचरण पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने केस दर्ज किया था.
अपने ऊपर केस दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी कालीचरण मौके से भाग निकला था, जिसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसे 30 दिसंबर को मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थिल खजुराहो से गिरफ्तार किया था. इस मामले में कालीचरण महाराज को करीब 90 दिन जेल में रहना पड़ा, फिलहाल वह जमानत पर बाहर है.

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