
गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों खतरनाक है पैरासिटामोल? ट्रंप के दावे से दुनियाभर में बढ़ी टेंशन
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अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर के नेतृत्व में कई महीनों तक की गई व्यापक जांच के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने पैरासिटोमोल को लेकर यह ऐलान किया. उन्होंने दावा किया कि गर्भवती महिलाओं द्वारा पैरासिटामोल का उपयोग करने पर ऑटिज्म का खतरा बढ़ जाता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पैरासिटामोल को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल खाने से बच्चे में ऑटिज्म का खतरा बढ़ता है. इसे लेकर ट्रंप ने चेतावनी भी जारी की.
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मुझे लगता है हमें ऑटिज्म का जवाब मिल गया है. गर्भावस्था में महिलाओं द्वारा एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) दवा का इस्तेमाल करने से बच्चे में ऑटिज्म का जोखिम बढ़ता है.
उन्होंन गर्भवती महिलाओं को चेतावनी दी कि वे पैरासिटामोल का इस्तेमाल केवल अत्यंत जरूरी होने पर करें क्योंकि यह बच्चों में ऑटिज्म का जोखिम बढ़ा सकता है. कहा जा रहा है कि इस फैसले के पीछे ट्रंप के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर है, जो पर्यावरणीय कारकों और दवाओं को ऑटिज्म से जोड़ने के लिए जाने जाते हैं.
ट्रंप ने घोषणा की कि US Food and Drug Administration (FDA) गर्भवती महिलाओं के लिए एसिटामिनोफेन के लेबल पर चेतावनी जोड़ेगा, जिसमें गर्भावस्था में इसके उपयोग को लेकर वॉर्निंग दी जाएगी. ट्रंप ने कहा कि हम गर्भवती महिलाओं को बता रहे हैं कि इसके इस्तेमाल से बचें, जब तक यह मेडिकली बहुत जरूरी न हो.
बता दें कि अमेरिका में पैरासिटामोल को एसिटामिनोफेन कहा जाता है, जो आमतौर पर Tylenol जैसे ब्रांड के तहत बिकता है. इस चेतावनी के बाद USFDA को इसके लेबल उपयोग में बदलाव करना पड़ा. भारत में एसिटामिनोफेन को पैरासिटामोल के नाम से जाना जाता है और इसे दशकों से गर्भावस्था के दौरान सबसे सुरक्षित दवा माना जाता रहा है. इसी के साथ USFDA ने ऑटिज्म के कुछ लक्षणों के इलाज के लिए ल्यूकोवोरिन की मंजूरी शुरू की है.
अब ट्रंप के दबाव में FDA ने पैरासिटामोल के लेबल पर नई चेतावनी जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसे दावे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. उनका कहना है कि किसी प्रशासन के पहले साल में इतना बढ़ा निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है.ऑटिज्म को लेकर अभी और गहन शोध की जरूरत है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पर्यावरणीय कारकों की इसमें कोई भूमिका है या नहीं.

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