गंगा में प्रवाहित शवों पर लिखी थी कविता, गुजरात साहित्य अकादमी ने कहा-'साहित्यिक नक्सल'
AajTak
साहित्य अकादमी ने अपने संपादकीय के जरिए उस कविता पर जमकर निशाना साधा है. एक बार के लिए लेख में कहीं भी शव वाहिनी गंगा का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इशारा वहीं रहा है.
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मन को परेशान कर देने वाली कई खबरें सुनने-देखने को मिल गई थीं. गंगा में जिस तरह से कई शवों को प्रवाहित किया गया था, वो तो काफी दिल दहला देने वाला रहा. अब गुजरात में कवियित्री पारुल खाखर ने उन विचलित कर देने वाली घटनाओं पर एक कविता लिखी थी, उसकी काफी चर्चा भी रही. लेकिन अब उसी कविता को लेकर गुजरात में बवाल है. राज्य सरकार की गुजरात साहित्य अकादमी ने इसे साहित्यिक नक्सल करार दिया है. कहा गया है कि ऐसी कविताओं के जरिए अराजकता फैलाने का प्रयास हो रहा है. गुजरात में कविता पर बवाल
Guna Hawala Scandal: गुना का हाईप्रोफाइल हवाला कांड अब एक नई करवट ले रहा है. जहां एक तरफ ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच टीम गुजरात के व्यापारी को बयान के लिए बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के तबादले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. 'लेडी सिंघम' हितिका वासल ने कमान संभाल ली है, लेकिन अंकित सोनी के समर्थन में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.










