
खोखले हैं ट्रंप के दावे... भारत नहीं, अमेरिका के लिए ये देश हैं असली 'Tariff King', आंकड़े गवाह
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Donald Trump भले ही भारत पर अमेरिकी निर्यात पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने के दावे करते हुए भारत को टैरिफ किंग (Tariff King) कहते हैं, लेकिन आंकड़े उनके दावों की पोल खोलते हुए नजर आते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के मुंह से कई बार ये सुनने को मिला है कि भारत 'टैरिफ किंग' (Tariff King) और अमेरिकी निर्यात पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाता है. बीते दिनों भारत पर 25% का टैरिफ (US Tariff On India) लगाते हुए भी उन्होंने ये राग अलापा, लेकिन ट्रंप के ये तमाम दावे खोखले हैं और इस बात की गवाही आंकड़े खुद देते हुए बता रहे हैं कि भारत टैरिफ किंग नहीं है, बल्कि अन्य तमाम देशों की तुलना में अमेरिकी निर्यात पर काफी कम Tariff वसूलता है.
टैरिफ किंग- डेड इकोनॉमी जैसे दावों में दम नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार ये दावा किया है कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ वसूलता है और बीते 30 जुलाई को उन्होंने तमाम मुद्दों को हवाला देते हुए भारतीय निर्यात के ऊपर 25 फीसदी का हाई टैरिफ घोषित कर दिया. India-US Trade Deal को लेकर बड़े-बड़े और पॉजिटिव दावे करने वाले ट्रंप के सुर इसके बाद बदले-बदले नजर आए और उन्होंने इसी Tariff King की अपनी बात दोहराते हुए यहां तक कह दिया कि भारत एक अच्छा बिजनेस पार्टनर नहीं रहा है, क्योंकि उनका टैरिफ किसी भी देश की तुलना में सबसे ज्यादा है.
यही नहीं Donald Trump ने भारत और रूस के व्यापारिक रिश्तों को लेकर तगड़ा हमला किया था और India-Russia की इकोनॉमी को डेड इकोनॉमी (Dead Economy) तक करार दे दिया था. तो बता दें कि ट्रंप के इन दावों में भी कोई दम नजर नहीं आता है, क्योंकि भारत फिलहाल दुनिया में सबसे तेजी के साथ आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था (India Fastest Growing Economy) बना हुआ है और तेज रफ्तार से भागते हुए ये चौथी बड़ी इकोनॉमी तो बन ही गया है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है. पिछले लगातार 4 सालों में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट (India GDP Growth Rate) 6 फीसदी से ज्यादा रहा है. मतलब ये किसी भी मायने में डेड इकोनॉमी नहीं माना जा सकता.
टैरिफ के खेल को आंकड़ों में समझें अब वापस आते हैं Tariff के आंकड़ों पर, तो ट्रंप के टैरिफ किंग वाले दावों इसलिए खोखले हैं, क्योंकि पिछले तीन दशकों में भारतीय टैरिफ में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है और ये 1990 के 56% से कम होकर फिलहाल 4.6% रह गया है. जी हां, आंकड़ों से साफ है कि भारत का भारित टैरिफ (India's Weighted Tariff) वियतनाम, इंडोनेशिया और यूरोपीय संघ की तुलना में काफी कम है. बता दें कि यह आंकड़ा EU का 5%, वियतनाम का 5.1% और इंडोनेशिया का 5.7%, जबकि बांग्लादेश का 10.6% है.
यहां ये समझ लेना भी जरूरी है कि आखिर भारित टैरिफ या Weighted Tariff होता क्या है और ये साधारण टैरिफ से कैसे अलग है. तो बता दें कि साधारण औसत टैरिफ, जो भारत में 15.98% है, वो सभी प्रोडक्ट्स के लिए एक समान रूप से महत्वपूर्व होता है, फिर चाहे उनका बिजनेस कम ही क्यों न हो. जबकि, व्यापार भारित औसत टैरिफ (Trade Weighted Tariff) में आयात की मात्रा के हिसाब से एक्चुअल ड्यूटी लागू की जाती है और यही मार्केट के लिए सटीक पैमाना माना जाता है.
सबसे ज्यादा नहीं, यहां सबसे कम टैरिफ अमेरिकी निर्यात पर भारत के टैरिफ हकीकत में दुनिया भर में सबसे ज्यादा नहीं, बल्कि सबसे कम हैं. इसके तहत 45% से ज्यादा अमेरिकी निर्यात पर India Tariff 5% से कम है, तो वहीं कई सामानों पर ये 10% से लागू किया गया है. खासतौर पर कच्चे तेल (Crude Oil), इंडस्ट्रियल मशीनरी और फार्मा निर्यात पर भारत बेहद कम टैरिफ वसूलता है.

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