
खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने पर आतंकियों ने दी हत्या की धमकी, SC के वकील विनीत जिंदल दर्ज कराया केस
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सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल को खालिस्तान समर्थक संगठन एसएफजे (सिख फॉर जस्टिस ) से जान से मारने की धमकी मिली है. खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने पर उन्हें यह धमकी दी गई है. फिलहाल दिल्ली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू दी है. पिछले साल भी उन्हें सर तन से जुदा करने की धमकी मिली थी.
सुप्रीम कोर्ट के वकील और सामाजिक कार्यकर्ता विनीत जिंदल को फिर से जान से मारने की धमकी मिल है. उन्हें इस बार यह धमकी खालिस्तान की मांग से जुड़े आतंकवादी संगठन ने दी है. फिलहाल जिंदल की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू दी है. फोन करने वाले खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने पर विनीत और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है. विनीत जिंदल कई कानूनी मुद्दों पर पीआईएल दाखिल करने, शिकायतें दर्ज कराने, देशद्रोहियों के खिलाफ आवाज उठाने, हिंदुओं के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए जाने जानते हैं. उन्हें खालिस्तान समर्थक संगठन एसएफजे (सिख फॉर जस्टिस ) से वॉयस कॉल और व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी मिली है.
पिछले साल जुलाई में 'सर तन से जुदा' की मिली थी धमकी
पिछले साल 26 जुलाई में वकील विनीत जिंदल ने दावा किया था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है. उन्होंने बताया था कि जब वो अपने घर पर पहुंचे तो एंट्री गेट के अंदर एक पर्चा पड़ा हुआ था, जिसमें लिखा हुआ है- अल्लाह का पैगाम है विनीत जिंदल तेरा भी सर तन से जुदा करेंगे जल्द ही.
जिंदल ने धमकी वाले पर्चे को ट्वीट करते हुए कहा बातया था, 'आज जिहादियों ने मेरा भी सर तन से जुदा कर ने की धमकी दी मेरे घर पर भेजा गया.' जिंदल ने बताया कि घर में सीसीटीवी लगा हुआ है, लेकिन पर्चा फेंकने वाला सीसीटीवी में कैद नहीं हुआ है. वकील विनीत जिंदल ने कहा था कि उन्हें इस पत्र से पहले अंतरराष्ट्रीय कॉलर से कई धमकियां मिल चुकी हैं, इसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी.

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