क्या होता है ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस, जिससे पास होंगे CBSE 10वीं के छात्र
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What is the objective criterion process: क्या होता है ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस जिसके जरिये तय होती हैं क्षमताएं. कैसे सीबीएसई इसका इस्तेमाल करके CBSE 10वीं के छात्रों को नंबर दे सकता है.
सरकार ने सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा कैंसिल करने और 12वीं की परीक्षा आगे टालने का फैसला ले लिया है. इस बीच सीबीएसई बोर्ड ने कहा है कि बोर्ड 10वीं के छात्रों को पास करने के लिए ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया खुद विकसित करेगा. आइए जानते हैं क्या होता है ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस जिसके जरिये तय होती हैं क्षमताएं. कैसे सीबीएसई इसका इस्तेमाल करके CBSE 10वीं के छात्रों को नंबर दे सकता है. विस्तार से जानिए... कोरोना की दूसरी लहर ने न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के कई देशों में तबाही मचा रखी है. इंग्लैंड ने भी कोरोना के मद्देनजर इस साल सालाना ऑफलाइन एग्जाम कैंसिल कर दिए थे. वहां भी स्टूडेंट्स के असेसमेंट के लिए सरकार ने शिक्षा विभाग से एक प्रोसेस डेवलप करने को कहा गया था, जिसके जरिये वहां टीचर्स ने बच्चों को प्रोजेक्ट और दूसरे तरीकों से बच्चों का मूल्यांकन करके उनका रिजल्ट तैयार किया. इसी तर्ज पर सीबीएसई भी अपना ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया तैयार करेगा. ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया अक्सर कई प्वाइंट्स के जरिये छात्रों के मूल्यांकन की विधि है. इसमें शैक्षिक संगठन इस बात का असेसमेंट करते हैं कि छात्रों ने पूरे साल क्या सीखा, उस आधार पर उनके परिणामों की उपलब्धि का दस्तावेज़ कैसे तैयार होगा.
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