
क्या हो अगर एक दिन के लिए सभी महिलाएं छुट्टी पर चली जाएं? खुद ही जान लीजिए जवाब
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आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है. इसका मकसद है महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर दुनिया का ध्यान लगाना. ऐसे में हमने कुछ आंकड़ों की मदद से ये समझने की कोशिश की है कि अगर महिलाएं एक दिन के लिए छुट्टी पर चली जाएं तो फिर क्या होगा?
जरा सोचिए. सिर्फ सोचिए. आप सवेरे उठें और देखें कि आपके आस-पास न तो आपकी मां है, न बहन है, न बेटी है, न पत्नी है. आप ये सोचकर ऑफिस निकल जाते हैं कि सब कहीं गए होंगे. लेकिन ये क्या? आप ऑफिस पहुंचे, वहां आपके साथ काम करने वाली एक भी महिला कर्मचारी नहीं है. थोड़ी देर बाद टीवी पर एक पुरुष एंकर आता है और समाचार पढ़ता है कि सभी महिलाएं अचानक छुट्टी पर चली गई हैं.
ये महज एक कोरी कल्पना है. मगर सोचिए कि किसी दिन सच में ऐसा हो जाए कि सारी महिलाएं छुट्टी पर चली जाएं तो क्या होगा?
आज से कुछ साल पहले अमेरिका में एक ऐसा ही कैंपेन हुआ था. अमेरिका की सारी महिलाओं ने एक दिन की छुट्टी पर जाने का फैसला ले लिया था. उन्होंने फैसला लिया कि वो न तो कोई काम करेंगी, न कुछ खरीदेंगी. ऐसा उन्होंने 8 मार्च 2017 यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर किया था. ऐसा करने के पीछे मकसद ये था कि दुनिया महिलाओं के योगदान पर भी ध्यान दे.
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है. और मान लें कि आज के दिन देश की सभी महिलाएं छुट्टी पर चली जाएं या कहीं गायब हो जाएं तो क्या होगा? आप यकीन नहीं मानेंगे लेकिन आपके साथ वो सब होगा, जो आपने कभी सोचा भी न होगा. इसलिए, हमने कुछ आंकड़ों की मदद से ये समझने की कोशिश की है कि अगर महिलाएं न हों तो क्या हो?
अब बात देश में कैसी है महिलाओं की स्थिति?
- आबादी मेंः मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 तक देश की आबादी 136 करोड़ के आसपास होने का अनुमान है. इनमें से 48.6% महिलाएं हैं. देश में अब महिलाओं की आबादी की ग्रोथ रेट पुरुषों से ज्यादा है. 2021 में महिलाओं की आबादी की ग्रोथ रेट 1.10% रही, जबकि पुरुषों 1.07%.

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