
क्या है ब्रिटेन का बेटिंग स्कैंडल, जिसमें चुनाव तारीखों पर सट्टा लगाने वाले नेताओं पर ऋषि सुनक ने लिया एक्शन, समझिए पूरा मामला
AajTak
ब्रिटेन में आम चुनाव से ठीक पहले सट्टेबाजी स्कैंडल को लेकर सियासी भूचाल मचा है. सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के सीनियर नेताओं पर आम चुनाव की तारीख पर सट्टा लगाने का आरोप लगा है. इस मामले में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी एक्शन मोड में देखे जा रहे हैं. उन्होंने टेलीविजन पर डिबेट में बेटिंग स्कैंडल पर नाराजगी भी जताई है.
ब्रिटेन में बेटिंग स्कैंडल चर्चा में है. प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने चुनाव तारीखों पर सट्टा लगाने वाले अपनी ही पार्टी के नेताओं पर एक्शन लिया है. पीएम सुनक ने साफ कहा कि वो आम चुनाव की तारीख पर दांव लगाने वाले कंजर्वेटिव पार्टी के कुछ उम्मीदवारों के घोटाले से नाराज हैं. इस स्कैंडल को सुनक के लिए नई मुसीबत के तौर पर देखा जा रहा था. हालांकि अब इस स्कैंडल में प्रतिद्वंदी लेबर पार्टी के कुछ बड़े नेता भी घिरते दिख रहे हैं.
दरअसल, बुधवार रात वोटिंग से पहले आखिरी डिबेट में सुनक (44 साल) और लेबर पार्टी के कीर स्टार्मर का आमना-सामना हुआ. दोनों नेताओं ने अपनी नीतियों के बारे में बताया और एक-दूसरे पर हमले भी किए. सुनक ने टैक्स जैसे टारगेट करने वाले मुद्दों पर विपक्षी नेता स्टार्मर को चुनौती दी. पूरी डिबेट में सुनक मजबूती से टिके रहे और स्टार्मर पर हावी देखे गए. हालांकि, बेटिंग स्कैंडल डिबेट का हिस्सा बना रहा.
बेटिंग स्कैंडल पर क्यों विवाद?
ब्रिटेन में चुनावी अभियान अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. 4 जुलाई को आम चुनाव होने हैं. कंजरवेटिव पार्टी से ऋषि सुनक और लेबर पार्टी से कीर स्टार्मर के बीच मुकाबला है. सुनक ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री हैं. यहां आम चुनाव में सट्टेबाजी का मुद्दा गरमा गया है. इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इस घोटाले में फंसे अपनी ही पार्टी के दो उम्मीदवार क्रेग विलियम्स और लॉरा सॉन्डर्स से समर्थन वापस लेने का फैसला किया है. वहीं, लेबर पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार केविन क्रेग को सस्पेंड कर दिया है. क्रेग ने कहा था कि मैंने खुद के हारने पर शर्त लगाई थी और जीत की रकम दान में देने वाले थे. हालांकि यह एक बहुत बड़ी गलती थी, जिसके लिए मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं.
कंजर्वेटिव पार्टी की जिन दो उम्मीदवारों से समर्थन वापस लिया गया है, उनमें क्रेग विलियम्स और लॉरा सॉन्डर्स का नाम शामिल है. क्रेग विलियम्स वेल्स में मोंटगोमेरीशायर से चुनावी मैदान में थे. वहीं, सॉन्डर्स ग्लाइंडर और इंग्लैंड में ब्रिस्टल नॉर्थ वेस्ट से पार्टी उम्मीदवार थीं. सॉन्डर्स, टोरी अभियान निदेशक टोनी ली की पत्नी हैं. जबकि विलियम्स प्रधानमंत्री की करीबी संसदीय सहयोगी हैं. क्रेग विलियम्स ने जुलाई में होने वाले चुनाव पर 100 पाउंड का सट्टा लगाया था.
ब्रिटेन में सट्टेबाजी कानूनी, लेकिन....

यूक्रेन पर रूस ने एक ही रात में 200 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है. इस हमले में सुमी, खार्किव, नीप्रो और ओडेसा सहित कई इलाके निशाने पर रहे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों के बीच देश की आंतरिक मजबूती और मरम्मत दलों के काम की सराहना की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.






