
क्या मुइज्जू गंवा देंगे अपनी कुर्सी? समझें- मालदीव की संसद में कितना मजबूत है विपक्ष
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है. मुइज्जू नवंबर में ही राष्ट्रपति बने हैं. और इतने वक्त में ही विपक्ष उन्हें पद से हटाने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में समझते हैं कि मालदीव की संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया है और क्या है इसका पूरा गणित?
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को पद से हटाने की तैयारी चल रही है. दो मुख्य विपक्षी पार्टियां उनके खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में हैं.
मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग की तैयारी ऐसे समय हो रही है, जब महीनेभर में भारत और मालदीव के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. जानकारी के मुताबिक, मालदीव की मुख्य विपक्षी पार्टी मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) संसद में महाभियोग लाने जा रही है. इसे द डेमोक्रेट्स पार्टी का समर्थन भी मिल रहा है.
ये दोनों वहीं पार्टियां हैं, जो हाल ही में भारत के समर्थन खुलकर सामने आई थीं. इन दोनों पार्टियों ने कहा था कि 'मौजूदा सरकार का भारत विरोधी रुख चिंताजनक है. किसी भी बड़े साझेदार विशेष रूप से लंबे समय से हमारे सहयोगी देश को अलग-थलग करना हमारे लिए हितकर नहीं है.'
एमडीपी का कहना है कि राष्ट्रपति मुइज्जू को पद से हटाने के लिए जल्द ही संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा. पार्टी का दावा है कि प्रस्ताव पर सांसदों के समर्थन के लिए हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं.
पर ये महाभियोग क्यों?
मोहम्मद मुइजू को राष्ट्रपति बने अभी तीन महीने भी नहीं हुए हैं. नवंबर 2023 में ही वो चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बने हैं. और विपक्ष उन्हें अभी पद से हटाने की कोशिश में जुट गया है. पर सवाल है कि क्यों?

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