
क्या खुद इजरायल ने हमास को फलने-फूलने में मदद की थी, कतर की फंडिंग को पहुंचाता था गाजा बॉर्डर तक
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इजरायल और आतंकी संगठन हमास के बीच 3 महीने से लड़ाई चल रही है. इस बीच कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खुद इजरायल ने हमास को फलने-फूलने में मदद की. उसने कुछ साल पहले कतर से डील की थी कि वो हमास को हर महीने पैसे भेजता रहे. ये सारा फंड इजरायली सीमा से होते हुए ही गाजा पहुंचा.
हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया. इससे ठीक पहले इजरायली इंटेलिजेंस मोसाद के लोग कतर सरकार से मिलने पहुंचे थे. सालों तक कतर से गाजा पट्टी तक भारी मदद पहुंचती रही. इन्हीं पैसों से हमास खड़ा हुआ. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने न केवल इस फंडिंग पर हामी भरी, बल्कि उसे बढ़ावा ही देते रहे थे. सऊदी अरब के पूर्व खुफिया प्रमुख प्रिंस तुर्की अल-फैसल ने भी ये आरोप लगाया कि इजरायल अपने कारणों से हमास तक कतर के पैसे पहुंचने दे रहा था.
गाजा पट्टी को मिल रही थी फंडिंग
साल 2018 में दोहा से गाजा की तरफ फंडिंग पहुंचने लगी. इजरायल को इस बारे में सारी जानकारी थी. एक इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट सऊदी अरब के इंटेल चीफ अल-फैसल के हवाले से कहती है कि 15 मिलियन डॉलर सूटकेस से उसी साल गाजा पहुंचे. हमास ने दावा किया कि वो इन पैसों से लोगों को तनख्वाह दे रहा है और अस्पतालों तक सुविधाएं पहुंचा रहा है. तब तक वेस्ट बैंक की फिलिस्तीनी अथॉरिटी (PA) ने गाजा पट्टी के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती कर दी थी. ये बात खुद इजरायल सरकार ने कही ताकि उसका कतर से आने वाले पैसों पर पक्ष साफ रहे.
क्या कहना था इजरायल का
इस दौरान नेतन्याहू पर आरोप भी लगा कि वो हमास को लेकर नर्म रवैया रखते हैं. लेकिन उनका कहना था कि कुछ भी बिना सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स से बातचीत किए बिना नहीं हो रहा. इजरायली सरकार ने ये दावा भी किया कि इन पैसों से गाजा में सुविधाएं बढ़ेंगी, साथ ही शांति भी बढ़ेगी. इससे हमास भी लड़ने-झगड़ने की बजाए सरकारी कामकाम में उलझ जाएगा.

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