
क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट जॉइन कर पाएंगे जस्टिस यशवंत वर्मा? कैशकांड के बाद बार एसोसिएशन आज से प्रोटेस्ट पर उतरेगा
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इलाहाबाद बार एसोसिएशन ने जज यशवंत वर्मा के खिलाफ कैश-एट-होम विवाद पर महाभियोग चलाने की मांग करते हुए जारी प्रस्ताव में कहा कि कहा है कि न्यायिक बिरादरी को आंतरिक जांच 'अस्वीकार्य' है.
पिछले कई दिनों से दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Varma) सुर्खियों में हैं. सबसे पहले उनके दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से बड़ी तादाद में कैश बरामद होने की बात सामने आई. बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें धुएं के साथ जले हुए नोट नजर आ रहे थे. यह मामले तब सामने आया, जब उनके घर पर आग लगने की घटना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची थी. हालांकि, ये बात भी सामने आई कि जब जस्टिस के घर पर आग लगी थी, तो वे शहर से बाहर थे.
यशवंत वर्मा के विवादों में आने के बाद उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किए जाने का ऑर्डर हुआ और दिल्ली हाई कोर्ट के रोस्टर से उनका नाम हटाए जाने की बात सामने आई.
एजेंसी के मुताबिक, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने बताया, "जस्टिस यशवंत वर्मा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में (प्रस्तावित) ट्रांसफर के विरोध में इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के वकील मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे."
क्या है पूरा मामला?
पिछले दिनों जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर एक फायरफाइटिंग ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में कैश मिलने का दावा किया गया था. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान जस्टिस वर्मा शहर से बाहर थे. इस बीच, उनके घर के बाहर से जले नोटों के बंडल की तस्वीरें सामने आई थीं. मलबा भी जला पड़ा मिला है. इसमें जले नोट भी देखने को मिले हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कैश कांड में अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की थी.
यशवंत वर्मा भेजे जाएंगे इलाहाबाद हाई कोर्ट!

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