
क्या अमेरिका ने वेनेजुएला में चलाया 'सोनिक वेपन'... कान से खून निकाल देते हैं ये हथियार
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अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को पकड़ने के दौरान एक रहस्यमयी 'सोनिक वेपन' का इस्तेमाल किया, जिससे सैनिकों की नाक से खून बहा, खून की उल्टी हुई. वे जमीन पर गिर गए और हिल भी नहीं पाए. वेनेजुएला के एक सैनिक के दावे के अनुसार, यह तीव्र ध्वनि तरंग ने रडार अक्षम कर दिया.
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में वेनेजुएला के एक सैनिक ने दावा किया है कि अमेरिकी सेनाओं ने निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए की गई रेड के दौरान एक अज्ञात सोनिक या डायरेक्टेड-एनर्जी हथियार का इस्तेमाल किया. इस हथियार ने रडार और सैनिकों को अक्षम कर दिया.
गार्ड ने कहा कि एक समय पर उन्होंने कुछ लॉन्च किया; मैं इसे कैसे बताऊं, पता नहीं. यह एक बहुत तीव्र ध्वनि तरंग जैसा था. अचानक मुझे लगा जैसे मेरा सिर अंदर से फट रहा हो. उन्होंने दावा किया कि प्रभाव तत्काल और गंभीर था. हम सभी की नाक से खून बहने लगा. कुछ लोग खून की उल्टी कर रहे थे. हम जमीन पर गिर गए, हिल भी नहीं पा रहे थे.
यह दावा सोनिक हथियारों की दुनिया में एक नई बहस छेड़ रहा है, जो गैर-घातक लेकिन बेहद प्रभावी माने जाते हैं. लेकिन क्या ऐसे हथियार वास्तव में मौजूद हैं? वे कैसे काम करते हैं, क्या प्रभाव डालते हैं और किन देशों के पास हैं? आइए समझते हैं.
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सोनिक हथियार क्या हैं?
सोनिक हथियार, जिन्हें कभी-कभी एकॉस्टिक या अल्ट्रासोनिक वेपन्स कहा जाता है, ध्वनि का इस्तेमाल करके दुश्मन को चोट पहुंचाने या अक्षम करने वाले हथियार हैं. ये डायरेक्टेड-एनर्जी वेपन्स (DEW) की एक श्रेणी हैं, जहां ऊर्जा (ध्वनि तरंगें) को एक दिशा में टारगेट करके हमला किया जाता है.

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