
क्या अमेरिका-इसराइल की ईरान के ख़िलाफ़ छेड़ी गई जंग ग़ैर-क़ानूनी है?
BBC
अमेरिका और इसराइल के ईरान पर किए गए हवाई हमलों और उसके जवाब में ईरान की कार्रवाई ने इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या यह अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है. बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने इस पर कानूनी विशेषज्ञों से बात कर उनकी राय जानी.
अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों, और उसके जवाब में ईरान की कार्रवाई ने अब तक कई नागरिकों की जान ले ली है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने इस जंग की निंदा की और दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील भी की.
दोनों पक्ष दावा कर रहे हैं कि वे सही हैं, लेकिन यह तय करने के लिए कि ईरान पर हुए शुरुआती हमले क़ानूनी थे या नहीं, हमें पीछे झांकना होगा.
हमें अंतरराष्ट्रीय क़ानून के उन मानकों को फिर से देखना होगा जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध की भयावह घटनाओं के बाद बनाया गया था और जिन पर ज़्यादातर देशों ने सहमति जताई थी.
28 फ़रवरी को जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर बमबारी शुरू की, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह ऐसे परमाणु हथियार बना रहा है जो अमेरिकी सहयोगियों के लिए ख़तरा हैं और 'जल्द ही अमेरिका तक पहुंच सकते हैं.'
हालांकि, 2 मार्च को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि प्रशासन को पता था कि इसराइल ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने वाला है और ईरान इसके बाद अमेरिका को भी निशाना बनाता, इस वजह से 'अमेरिका को उस पर हमला करने की पहल करनी पड़ी.'
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