
कोलकाता में आतंकियों ने 4 होटलों में बदला ठिकाना, देश से भागना चाह रहे थे बाहर, रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट का फॉरेन लिंक तलाशने में जुटी NIA
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NIA की टीम ने बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में मास्टरमाइंड अब्दुल मथीन अहमद ताहा और आरोपी मुसाविर हुसैन शाजिब को कोलकाता से गिरफ्तार किया है. साथ ही एजेंसी ने बताया कि एनआईए अब्दुल मथीन ताहा की पिछले पांच साल से तलाश कर रही थी.
बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में NIA ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने कोलकाता की कोर्ट में पेश कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु ले आई. दोनों आरोपियों को जांच और पूछताछ के बाद फिर से शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को 10 दिनों की हिरासत में भेज दिया है.
अब जानकारी आ रही है कि अब दोनों आरोपियों से पूछताछ करेगी आरोपियों को विस्फोट स्थल पर ले जाकर जल्द ही स्पॉट इंक्वायरी की जाएगी. साथ ही आरोपियों को उस जगह भी ले जाया जाएगा, जहां वो बेंगलुरु और चेन्नई में रुके थे. वहीं, इस मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रतिक्रिया देते हुए एनआईए और कर्नाटक पुलिस को धन्यवाद दिया है.
बार-बार बदल रहे थे लोकेशन
बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट के दोनों आरोपी ताहा और शाजिब 28 मार्च तक कोलकाता में रहे. इस दौरान वो कोलकाता के 4 होटलों में रुके.इंडिया टुडे ने इस चारों होटलों में से एस्प्लेनेड क्षेत्र में कोलकाता के एक और होटल का पता लगाया है. आरोपियों ने 13 मार्च को लेनिन सारनी में पैराडाइज होटल में चेक इन किया था और 14 मार्च को चेक आउट किया था. इससे पहले आरोपी 12 मार्च को चेक इन किया और यहां से 13 मार्च को चेक आउट किया. इसके बाद वह पैराडाइज इन चले गए. फिर बाद में आतंकी इकबालपुर और खिदिरपुर में एक-एक दिन 21 और 22 मार्च तक रुके और अंत में दोनों आरोपी खिदिरपुर-इकबलपुर के एक अन्य होटल में 25 से 28 मार्च तर रुके थे. सूत्रों के अनुसार, फिर वो यहां से दीघा की ओर चले गए.
सिद्धारमैया ने जताया NIA और पुलिस का आभार
बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट मामले में एनआईए द्वारा दो आरोपियों की गिरफ्तारी पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि मैं एनआईए और कर्नाटक की पुलिस को धन्यवाद देता हूं. उन्होंने आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया और अब उन्हें बेंगलुरु लाया गया है. जांच पूरी होने दीजिए. उसके बाद सारी चीजें लोगों के सामने आ जाएंगी.

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