
कोलकाता: प्रेमी से शादी करने के लिए सुंदरबन के जंगल, घड़ियालों से भरी नदी में पार करते पहुंच गई भारत
AajTak
पश्चिम बंगाल की पुलिस ने 22 साल की एक युवती को मंगलवार को गिरफ्तार किया है. युवती के पास पासपोर्ट नहीं था इसलिए वह अपने प्रेमी से मिलने के लिए भारत में अवैध रूप से घुस आई.
ऐसा रास्ता जहां बाघ जैसे जंगली जानवरों के हमले का खतरा हो...नदी जिसमें घड़ियाल तैरते हुए दिखाई दे रहे हों...अगर कोई ऐसे रास्ते को पार करने के लिए कहे तो क्या आप ऐसा करेंगे...जाहिर है ऐसे खतरनाक रास्ते को पार करने के लिए भला कोई क्यों अपनी जान जोखिम में डालेगा लेकिन कोलकाता में मंगलवार को पकड़ी गई एक बांग्लादेशी युवती कुछ ऐसा ही करके भारत में घुस आई. उसने बताया कि वह अपने प्रेमी से मिलने के लिए बाघों से भरे सुंदरबन के जंगल और घड़ियालों से भरी नदी को एक घंटा तैरकर पार करते हुए कोलकाता आ गई.
कोलकाता आकर की शादी
जानकारी के मुताबिक बांग्लादेशी युवती जान जोखिम में डालकर सिर्फ अपने प्रेमी से मिली ही नहीं बल्कि तीन दिन पहले ही उसने कोलकाता में कालीघाट मंदिर में शादी भी कर ली. इस तरह की शादी की चर्चा तेजी से फैल गई.
पुलिस ने किया गिरफ्तार
नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन को जब उसके अवैध रूप से भारत में घुसने की जानकारी हुई तो उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया. सूचना के मुताबिक युवती का नाम कृष्णा मंडल है. वह बांग्लादेश के सातखीरा की रहनेवाली है. सूत्रों के मुताबिक कृष्णा को बांग्लादेश हाई कमीशन के हवाले किया जा सकता है.
फेसबुक पर हुआ दोनों को प्यार

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









