
कोर्ट परिसर में वकील ने खुद को जिंदा जलाया, सुसाइड नोट में लिखा... SDM हर काम के लिए रिश्वत मांगते हैं
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सीकर में एक स्थानीय वकील ने कोर्ट परिसर में खुद को आग लगाकर खुदकुशी कर ली. वकील ने खुदकुशी करने से पहले एसडीएम पर हर काम के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगाया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
राजस्थान के सीकर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक स्थानीय वकील ने SDM पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और कोर्ट परिसर में खुद को आग लगा ली. इस दौरान SDM ने वकील को बचाने की कोशिश की जिसमें उनके भी हाथ भी झुलस गए. मौके पर मौजूद लोगों ने वकील को तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया. वकील की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया. गुरुवार शाम करीब 7 बजे इलाज के दौरान वकील की मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू की.
पुलिस अधिकारी रतन लाल भार्गव ने बताया कि गुरुवार को दोपहर ढाई बजे वकील हंसराज मावलिया ने कोर्ट परिसर में आग लगा ली. इस दौरान एसडीएम समेत कुछ लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की. जिसमें उनके भी हाथ जल गए. मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. इस घटना को लेकर प्रदेश के वकीलों में गुस्से का माहौल है और एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
वकील की मौत के बाद राजनीति भी तेज हो गई है. सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने राजस्थान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राजस्थान की गहलोत सरकार में भ्रष्टाचार फैला है, जिसमें जनता सुरक्षित नहीं है. वहीं सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट कर कहा कि इस मामले की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली. इसकी उच्च स्तर पर गंभीरता से जांच होनी चाहिए.
घटना के बाद जब खंडेला पुलिस ने मौके पर पहुंची तो तलाशी के दौरान वकील हंसराज मावलिया के बैग से पेट्रोल की थैली मिली. एक लेटर भी मिला जिसमें एसडीएम राकेश कुमार पर हर काम करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. परिजनों ने स्थानीय थाने में मामला दर्ज करा दिया है.
(रिपोर्ट- सुशील जोशी)
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