
कोरोना: 300 वैज्ञानिकों का PM मोदी को पत्र, 'नए वैरिएंट्स पर समय रहते अध्ययन जरूरी'
AajTak
पत्र के जरिए पीएम मोदी से अपील की गई है कि देश के वैज्ञानिकों को तमाम तरह का डेटा अध्ययन करने की अनुमित मिले जिससे वायरस को और करीब से समझा जा सके और समय रहते कुछ जरूरी कदम उठा लिए जाएं.
देश में कोरोना के हालात हर बीतते दिन के साथ खराब होते जा रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से हालात इतने विस्फोटक हो गए हैं कि साढ़े तीन लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं. अब सिर्फ मामलों में बढ़ोतरी नहीं देखी जा रही है, बल्कि कई राज्यों में वायरस के खतरनाक वैरिएंट भी देखने को मिले हैं. फिर चाहे वो डबल म्यूटेंट हों या फिर बंगाल का ट्रिपल म्यूटेंट. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए देश के 300 वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. 300 वैज्ञानिकों का PM मोदी को पत्र
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









