
कोरोना के मामलों ने बढ़ाई BSF की चिंता, सामने आए 463 नए केस
Zee News
BSF के मुकाबले दूसरे अर्धसैनिक बलों जैसे कि CRPF, CISF, SSB, ITBP, NDRF और NSG में कोविड के मामले काफी कम हैं.
नई दिल्ली: बार्डर सिक्योरिटी फोर्स यानी BSF में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. BSF में 14 अप्रैल तक कोरोना के 463 नए मामले सामने आए हैं और वर्तमान में बीएसएफ के कुल 1820 जवान कोविड से संक्रमित हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, BSF के 16 हजार 613 जवानों को कोरोना का संक्रमण हो चुका है जिसमें से 14 हजार 743 जवान पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. BSF के मुकाबले दूसरे अर्धसैनिक बलों जैसे कि CRPF, CISF, SSB, ITBP, NDRF और NSG में कोविड के मामले काफी कम हैं.
Indian Navy S5 Class SSBN Construction: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक ताकत भारत के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए S5 पनडुब्बियों को बेहद आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस किया जा रहा है. इनमें 190 मेगावॉट का प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर होगा. इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने विकसित किया है.

Indian Navy Kamikaze Drones for Maritime Strike: इन मैरीटाइम लॉइटरिंग म्यूनिशन की रेंज अधिक होगी. नौसेना के जहाज दुश्मन के तट और जहाजों पर काफी दूर से हमला कर सकेंगे. इससे दुश्मन के तटीय डिफेंस सिस्टम और एंटी-शिप हथियारों का खतरा कम होगा. इन ड्रोन को दोहरी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है. जमीन पर मौजूद ठिकानों के साथ-साथ दुश्मन के युद्धपोतों पर भी हमला किया जा सकेगा.

Reliance Will buy oil from Venezuela: अमेरिका के 500 प्रतिशत टैरिफ के जवाब की तैयारी भारत कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले तो रूस से तेल खरीदना कम कर रहा है. इसके अलावा दूसरी तरफ भारतीय निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां वेनेजुएला से तेल खरीदने को तैयार हो गई हैं, यह वही तेल होगा, जिसपर अमेरिका का स्वामित्व होगा.

Project Kusha air defence: भारत अब दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही ढेर करने के मामले में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की कतार में खड़ा होने जा रहा है. भारत का अपना 'S-400' यानी प्रोजेक्ट कुशा अब पूरी तरह तैयार है. वैज्ञानिकों ने इसके पहले चरण का परीक्षण करने की ठान ली है, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों की टेंशन बढ़ना तय है.

India MQ-9B type drone: भारत अब जासूसी और हवाई हमलों की दुनिया में एक बहुत बड़ा धमाका करने जा रहा है. समंदर से लेकर हिमालय की चोटियों तक नजर रखने के लिए अब भारत अपना खुद का 'सुपर ड्रोन' तैयार कर रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस काम में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रोन MQ-9B प्रीडेटर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स भी भारत का साथ देगी.








