
कोरोना के खिलाफ अंधविश्वास से भरी जंग, कहीं हवन, कहीं धूनी तो कहीं अर्पण
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कोरोना महामारी का सामना करने के लिए देश के डॉक्टर दिन-रात एक किए हुए हैं और वैक्सीनेशन का काम भी जारी है. इस सबके बीच कोराना के खिलाफ इस लड़ाई में देश के अलग-अलग हिस्सों में अंधविश्वास भी दिखाई दे रहा है, लोग कहीं हवन कर रहे हैं, तो कहीं धूनी जमा रहे हैं, ताकि कोरोना को मात दी जा सके.
देश इस वक्त कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा है. हर ओर मातम है, लोग बीमार पड़ रहे हैं और हज़ारों की संख्या में मौतें दर्ज हो रही हैं. इस महामारी का सामना करने के लिए देश के डॉक्टर दिन-रात एक किए हुए हैं और वैक्सीनेशन का काम भी जारी है. इस सबके बीच कोराना के खिलाफ इस लड़ाई में देश के अलग-अलग हिस्सों में अंधविश्वास भी दिखाई दे रहा है, लोग कहीं हवन कर रहे हैं, तो कहीं धूनी जमा रहे हैं, ताकि कोरोना को मात दी जा सके. पूरे नगर में घुमाया हवनकुंड... कोरोना महामारी ने इस वक्त गांवों की ओर रुख कर लिया है, यहां स्वास्थ्य विभाग एक्टिव हो पाता उससे पहले लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं के बल पर कोरोना को मात देने में जुट गए हैं. मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक ट्रॉली में हवन कुंड बनाया गया, उसमें आहुति देते हुए पूरे इलाके में उसे घुमाया गया. ऐसा करने वालों का तर्क है कि हवन के धुएं से वायुमंडल शुद्ध होगा और कोरोना कमज़ोर होगा. राजगढ़ के सर्राफा एसोसिएशन ने इसका आयोजन करवाया. इसी एसोसिएशन के अध्यक्ष निलेश सोनी के मुताबिक, हवन कुंड में कई औषधियों का उपयोग किया गया जिससे अब वायुमंडल में मौजूद कीटाणुओं का नाश होगा और शुद्ध माहौल बनेगा. घर-घर हवन करने की अपील... हरियाणा के झज्जर में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला है. यहां पर ग्रामीणों द्वारा हवन किया गया, साथ ही गूगल-लोबाण की धूनी देकर उसे शहरभर में संदेशयात्रा निकाली गई. ग्रामीणों ने यहां ट्रैक्टर-ट्रॉली में हवनकुंड को रखा, उसका गांव में चक्कर कटवाया. साथ ही लोगों से घर-घर यज्ञ करवाने की अपील भी की.
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