
कोरोना की दूसरी लहर गई नहीं, तीसरी की चेतावनी... देश में टोटल लॉकडाउन पर सरकार ने कहा ये
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कोरोना की ताजा लहर से मची तबाही के बीच संपूर्ण लॉकडाउन की चर्चा जोरों पर है. बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सवाल का जवाब भी दिया गया.
भारत में कोरोना की दूसरी लहर तबाही मचा रही है, ऐसे में क्या भारत सरकार संपूर्ण लॉकडाउन लगाने को लेकर विचार कर रही है? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ऐसी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है. नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नेशनल लॉकडाउन के ऑप्शन पर भी चर्चा चल रही है. वीके पॉल का बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह नेशनल कोविड-19 टास्क फोर्स के हेड हैं. अगर उनके पूरे बयान को देखें तो उन्होंने कहा है कि ताजा हालात को लेकर एडवाइज़री जारी की गई हैं, साथ ही अगर पाबंदियों की बात करें तो अगर सख्त पाबंदियों की ज़रूरत पड़ती हैं, तो हमेशा ऑप्शन पर चर्चा होती है, ऐसे में जिन फैसलों की ज़रूरत पड़ेगी उन्हें लिया जाएगा. बुधवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि राज्य सरकारों को पहले ही स्थानीय स्थिति के आधार पर, 10 फीसदी से अधिक पॉजिटिविटी रेट के आधार पर जिलावार पाबंदियां लगाने की सलाह दी गई है.संपूर्ण लॉकडाउन की लगातार उठ रही है मांग आपको बता दें कि भारत में जब से कोरोना की दूसरी लहर ने अपना असर दिखाना शुरू किया है, ऐसे में बीते कुछ दिनों से राजनीतिक हल्कों के साथ-साथ एक्सपर्ट्स की ओर से भी नेशनल लॉकडाउन को लेकर आवाज़ आनी शुरू हुई है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी संपूर्ण लॉकडाउन की मांग कर चुके हैं. अमेरिका के टॉप हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. एंटनी फाउची भी कह चुके हैं कि भारत को मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए अपनी तमाम ताकत को झोंक देना होगा. अगर लॉकडाउन लगा जाता है, तो वह ट्रांसमिशन की रफ्तार को रोकेगा, ऐसे वक्त में सरकार को अपनी पूरी तैयारी करनी चाहिए.
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