
केजरीवाल के मंत्री राजेंद्र गौतम ने BJP से आहत होकर दिया इस्तीफा? जानिए क्या बताई वजह
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दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र बकायदा ट्वीट भी किया है. उधर, उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी एक बार फिर केजरीवाल पर हमलावर हो गई है.
हिंदू देवी-देवताओं पर दिए बयान को लेकर विवादों में घिरे दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र बकायदा ट्वीट भी किया है. उधर, उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी एक बार फिर केजरीवाल पर हमलावर हो गई है. इस बीच राजेंद्र पाल ने आजतक से खास बातचीत करते हुए अपने इस्तीफे का कारण बताया है. साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा है.
आजतक से बातचीत में राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि विजयदशमी के दिन बौद्ध धर्म दीक्षा समारोह का आयोजन हुआ था. उस दिन देशभर में हज़ारों जगह पर यह आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहेब ने जातिगत छुआ-छूत के खिलाफ 22 प्रतिज्ञाओं के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी. हर साल लोग बौद्ध धर्म की दीक्षा लेते वक्त इन प्रतिज्ञाओं को दोहराते हैं. मोदी सरकार ने डॉक्टर अम्बेडकर लाइफ़ एंड स्पीचेज में उसे छपवाया है. नागपुर में भी इसका शिलापट्ट लगाया गया है. इस साल भी वहां कार्यक्रम में भारत सरकार के दो मंत्री गए थे. उन्हीं प्रतिज्ञाओं को लेकर भाजपा ने बवाल मचाया.
'अरविंद केजरीवाल ने मुझे सहयोग किया'
उन्होंने कहा कि मेरे नेता अरविंद केजरीवाल ने मुझे इतना सहयोग किया और उन्हें जिस तरह घसीटा गया, मेरी पार्टी को जिस तरह घसीटा गया, उससे मैं बहुत आहत हुआ. क्योंकि उनका इससे कोई लेना देना नहीं है. मैं व्यक्तिगत तौर पर उसमें शामिल हुआ था. बाबा साहेब का सिपाही होने के नाते मैंने वहां प्रतिज्ञा ली थी. एक मंत्री के रूप में काम करते हुए समाज के हक और अधिकार की लड़ाई में बाधा होती. मुझे फोन, ट्वीटर, फ़ेसबुक पर धमकी मिल रही हैं, लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं. अपने समाज की लड़ाई लड़ता रहूंगा.
किसी की भावनाओं को आहतल नहीं कर सकता- गौतम
उन्होंने आगे कहा कि मैं बाबा साहेब के रास्ते पर चलने वाला आदमी हूं, मैं किसी की भावनाओं को आहत नहीं कर सकता हूं. सभी धर्मों के प्रति मेरी आस्था है. आम आदमी पार्टी जनता के हित में शिक्षा, स्वास्थ्य महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए काम कर रही है. इन सबसे बाबा साहेब के सपने साकार होंगे. भाजपा ने जिस तरह कोशिश की, लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई, उससे आहत होकर मैंने इस्तीफ़ा दिया है. मुझपर पार्टी का कोई दबाव नहीं है, मैं तो खुद पेशे से वक़ील हूं.

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