
कांग्रेस के 6 एमएलए हासिल करके नीतीश क्या पाना चाहते हैं, बिहार एनडीए में होड़ तेज
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अभी कुछ महीने पहले ही भारी बहुमत से बिहार विधानसभा चुनाव जीतने वाली एनडीए की सबसे खास दो पार्टियों में आखिर अपना वजन बढ़ाने की रेस जारी है. बीजेपी और जेडीयू में और विधायक हासिल करने की होड़ क्यों मची हुई है?
बिहार की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं. हाल ही में संपन्न 2025 विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की शानदार जीत के बाद अब कांग्रेस के सभी छह विधायकों के जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू में शामिल होने की अफवाहें तेज हो गई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू के संपर्क में हैं, और मकर संक्रांति के बाद कभी भी यह क्रॉसओवर हो सकता है. इसी तरह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के 3 विधायकों के बीजेपी में जाने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है. सवाल यह उठता है कि आखिर एनडीए को पूर्ण बहुमत से कहीं बहुत अधिक समर्थन हासिल होने के बाद भी बीजेपी और जेडीयू में अपनी संख्या बढ़ाने की होड़ क्यों लगी है? आखिर एनडीए में क्या हो रहा है?
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और एनडीए को भारी बहुमत
2025 के बिहार विधानसभा चुनावों ने राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा गया. नवंबर 2025 में हुए चुनाव में एनडीए ने 243 सीटों में से 202 सीटें जीतीं, जो एक भारी बहुमत था. इस गठबंधन में जेडीयू, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी एलजेपी (आरवी), और अन्य छोटे दल शामिल हैं. नीतीश कुमार की जेडीयू ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और 80 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी ने भी 101 सीटों पर लड़कर 90 सीटें हासिल कीं.
एलजेपी (आरवी) को 29 सीटें मिलीं, और अन्य सहयोगियों ने बाकी योगदान दिया. यह जीत कई कारकों पर आधारित थी. पर माना गया कि नीतीश कुमार की छवि एक विकास पुरुष के रूप में मजबूत रही, जिसमें महिलाओं को नकद हस्तांतरण योजनाएं, जैसे चुनाव के दौरान किए गए फंड ट्रांसफर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
बीजेपी की चुनावी मशीनरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील ने भी गठबंधन को मजबूती दी. विपक्षी महागठबंधन, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और अन्य दल शामिल थे, केवल 41 सीटों पर सिमट गया. आरजेडी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनी, लेकिन सरकार बनाने से कोसो दूर हो गई. कांग्रेस ने महज छह सीटें जीतीं, जो उसके लिए एक बड़ा झटका था.
कांग्रेस विधायकों का जेडीयू में शामिल होने की अफवाहें

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