
कर्ज से पढ़ाई, कर्ज से इलाज और कर्ज से ही एयर एम्बुलेंस का किराया… रांची प्लेन क्रैश ने उजाड़ दिए कई परिवार
AajTak
चतरा के सिमरिया जंगल में एयर एंबुलेंस हादसे ने सात जिंदगियां छीन लीं. रांची के डॉक्टर विकास गुप्ता, जिन्हें पिता ने जमीन बेचकर कर्ज लेकर पढ़ाया था, उसी उड़ान में थे. झुलसे होटल संचालक को दिल्ली ले जाने के लिए परिवार ने करीब 8 लाख रुपये उधार लेकर एयर एंबुलेंस बुक की थी. उनके इलाज के लिए भी पैसा उधार पर ही लिया गया था.सब कर्ज पर टिका था, हादसे से पूरा परिवार उजाड़ गया.
झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के जंगलों में गिरी एयर एंबुलेंस का मलबे के नीचे सात जिंदगियां खत्म हो गई. जिन घरों में यह खबर पहुंची, वहां भी जिंदगी जैसे थम गई है. यह सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं थी, यह उन परिवारों की सामूहिक त्रासदी है जिनकी पूरी जिंदगी कर्ज के सहारे खड़ी थी.
इस हादसे में जान गंवाने वाले डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता रांची के सदर अस्पताल में तैनात थे. उनके पिता बजरंगी प्रसाद, बिहार के औरंगाबाद जिले के एक साधारण परिवार से हैं. टूटी आवाज में वह बताते हैं कि हमने अपनी सारी जमीन बेच दी थी. कर्ज लिया बस एक ही सपना था मेरा बेटा डॉक्टर बनेगा. डॉ. विकास ने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी. पढ़ाई आसान नहीं थी. फीस, हॉस्टल, किताबें हर चीज के लिए पैसे जुटाने पड़े. पिता बताते हैं कि कई बार किसी तरह पैसों की व्यवस्था की. आंखों में आंसू लिए वह बताते हैं कि लोग कहते थे इतना कर्ज मत लो, कैसे चुकाओगे? लेकिन मैंने कहा, बेटा पढ़ जाएगा तो सब चुका देगा. डॉ. विकास का सात साल का बेटा है.
होटल में लगी आग, इलाज भी उधार से
इस विमान में सवार गंभीर मरीज संजय कुमार चंदवा कस्बे में छोटा-सा होटल चलाते थे. पिछले सप्ताह होटल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि संजय बुरी तरह झुलस गए. उन्हें पहले रांची के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज महंगा था. हर दिन हजारों रुपये खर्च हो रहे थे. परिवार ने जो बचत थी, वह खत्म हो गई. फिर रिश्तेदारों से मदद मांगी गई. डॉक्टरों ने सलाह दी कि बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली के बड़े अस्पताल ले जाया जाए. सड़क मार्ग से ले जाना जोखिम भरा था. एयर एंबुलेंस ही विकल्प बचा था.
साढ़े सात से आठ लाख लगे… सब उधार
एयर एंबुलेंस बुक करने के लिए करीब 7.5 से 8 लाख रुपये की जरूरत थी. परिवार बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से है. इतनी रकम जुटाना असंभव-सा था. संजय के भाई अजय, जो हरियाणा सरकार में कार्यरत हैं, बताते हैं कि हमने रिश्तेदारों से कर्ज लिया. कुछ लोगों ने भरोसे पर पैसे दिए. कुछ ने ब्याज पर. हमें लगा जान बच जाएगी तो सब चुका देंगे. मरीज को एयर एंबुलेंस में बैठाया गया. पत्नी, एक रिश्तेदार और मेडिकल टीम साथ थी. परिवार के अन्य सदस्य घर लौट आए दिल में उम्मीद थी कि दिल्ली पहुंचते ही इलाज शुरू होगा और संजय बच जाएंगे. लेकिन घर पहुंचते ही टीवी चैनलों पर खबर चली कि चतरा के सिमरिया जंगल में एयर एंबुलेंस क्रैश. इस हादसे में 17 वर्षीय ध्रुव कुमार भी था. सिमडेगा का रहने वाला ध्रुव रांची में रहकर पढ़ाई कर रहा था. आगे मोबाइल इंजीनियरिंग में करियर बनाने का सपना था. दिल्ली जाने की तैयारी चल रही थी. परिवार बताता है कि वह अपने माता-पिता का अकेला बेटा था. जब मामा संजय झुलसे, तो ध्रुव ने दिल्ली की तैयारी रोक दी और उनकी सेवा में लग गया. डॉक्टरों ने दिल्ली रेफर किया तो वह भी साथ चल पड़ा.

Guna Hawala Scandal: गुना का हाईप्रोफाइल हवाला कांड अब एक नई करवट ले रहा है. जहां एक तरफ ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच टीम गुजरात के व्यापारी को बयान के लिए बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के तबादले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. 'लेडी सिंघम' हितिका वासल ने कमान संभाल ली है, लेकिन अंकित सोनी के समर्थन में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.










