
कर्ज के बदले जबरन लिखवा लिए चार फ्लैट, बिल्डर ने की खुदकुशी... परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
AajTak
महाराष्ट्र के पालघर में सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक बिल्डर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना को लेकर बिल्डर के परिवार ने आरोप लगाया है कि दो पुलिसकर्मी और एक दलाल लगातार मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे और जबरन चार फ्लैट लिखवा लिए थे. फिलहाल पुलिस इस मामले को लेकर जांच में जुटी है.
महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक बिल्डर ने आत्महत्या कर ली. घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई. घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस का कहना है कि मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. इस मामले में परिवार का आरोप है कि दो पुलिसकर्मी और एक प्रॉपर्टी डीलर लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. आरोप है कि कर्ज के बदले जबरन चार फ्लैट लिखवाने का दबाव बनाया गया, जिससे तनाव में आकर उन्होंने यह कदम उठाया.
एजेंसी के अनुसार, मृतक की पहचान जयप्रकाश चव्हाण के रूप में हुई है. जब वह अपने घर में फांसी के फंदे पर लटके पाए गए. परिवार ने आत्महत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि जयप्रकाश ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें दो पुलिसकर्मियों और एक प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और धमकियों के आरोप हैं.
परिजनों के अनुसार, जयप्रकाश चव्हाण ने एक बिल्डिंग प्रोजेक्ट के लिए 33 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसमें से 32 लाख रुपये चुका दिए थे, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों और उनके दलाल ने जयप्रकाश पर दबाव बनाकर चार फ्लैट जबरन लिखवा लिए.
यह भी पढ़ें: UP: पत्नी की मौत, बेटी से बिछड़ने और उत्पीड़न से टूटे युवक ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में सास-ससुर पर लगाए गंभीर आरोप
इस मामले में मृतक जयप्रकाश की बेटी गौरी चव्हाण ने कहा कि मेरे पापा कई दिनों से तनाव में थे. उन्हें बार-बार धमकाया जा रहा था. वे परेशान थे. परिवार का कहना है कि पुलिसकर्मी और दलाल मिलकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और इसी के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया.
इस पूरी घटना को लेकर अचोले पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. फिलहाल इस मामले में ADR (Accidental Death Report) दर्ज की गई है. सीनियर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाएगी और यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी या व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










