
कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर ग़ुस्साई भीड़ का हमला, पुलिस फ़ायरिंग में छह लोगों की मौत
BBC
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमलों में मारे जाने के बाद दुनिया भर में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देखी जा रही है.
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिका के कॉन्सुलेट में हिंसा हुई है. ये कॉन्सुलेट कराची में बंदरगाह के पास स्थित है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि कुछ लोगों ने वाणिज्य दूतावास का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और रिसेप्शन और सुरक्षा कक्ष की खिड़कियां तोड़ दी गईं.
मजलिस-ए-वहादत मुस्लिमीन के एक प्रवक्ता के अनुसार, यह एक सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन था जिसमें आम लोगों ने एक धार्मिक शख़्स की हत्या के विरोध में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया, जिन पर अंदर से भी गोलियां चलाई गईं.
पुलिस अधिकारी डॉक्टर समी सैयद ने पुष्टि की है कि इसमें छह लोग मारे गए और आठ घायल हुए हैं.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
दूसरी ओर, प्रांत के गृह मंत्री ज़ियाउल हसन लांजर ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के संबंध में कराची के अतिरिक्त आईजी से विस्तृत जानकारी मांगी है.
एक बयान में उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले तत्वों के ख़िलाफ़ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.

भारत में, एलपीजी गैस की कीमतों में इज़ाफ़ा होता दिख रहा है. इसकी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता का दौर जारी है. एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता पर दबाव बढ़ता दिख रहा है और देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं. यहां लोगों को कैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है? बीबीसी के रिपोर्टर्स ने देश के अलग-अलग हिस्सों में यही जानने की कोशिश की.












