
करगिल युद्ध में 48 पाक सैनिकों को मौत के घाट उतार ऐसे लौटे महावीर दिगेंद्र कुमार, जानिए उनकी कहानी
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करगिल युद्ध सभी को याद होगा. लेकिन करगिल युद्ध में जीत दिलानें वालों के बारे शायद ही कुछ लोग जानते होंगे. और वो कुछ लोग भी उन वीरों के परिवार वाले या फिर सेना के ही लोग होंगे. ऐसे ही एक महान वीर हैं महावीर दिगेंद्र, जिन्होंने अकेले पाक के 48 सैनिकों को मार गिराया था. देखें ऐसे महावीर की कहानी.

चेन्नई में एक महिला पर उसके अलग रह रहे पति ने एसिड क्लीनर से हमला कर दिया, जिसकी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. हमले में महिला की एक आंख की आधी रोशनी चली गई, जबकि दूसरी आंख भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. आरोपी पति पहले से उसे परेशान करता था और वह उससे अलग रह रही थी. झगड़े के दौरान उसने हमला किया. पड़ोसी की मदद से महिला बची और अस्पताल में भर्ती कराई गई. महिला ने लंबे समय से अत्याचार सहने की बात कही है.

दिल्ली के पालम इलाके में आज एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है. आग लगने से यहां 9 लोगों की मौत हो गई. पालम में चार मंजिला बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कॉस्मेटिक की दुकान में आग लगी थी. आग तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई. मकान में कुल 17 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ ने ऊपर से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता आग की चपेट में आने के कारण कई लोग अंदर फंस गए.

आज अली लारीजानी, उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी का जनाज़ा निकाला गया. दावा है कि उनकी अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान में 10 लाख से भी ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे और इस दौरान तेहरान के इंकलाब Square पर इस युद्ध में अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई. इजरायल और अमेरिका यही उम्मीद कर रहे थे कि अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान में सरकार विरोधी गुट सड़कों पर आएंगे और रिजीम चेंज के लिए नई कोशिशें शुरू होंगी. लेकिन अली लारीजानी के जनाज़े में इकट्ठा हुई इस विशाल भीड़ ने ये बता दिया कि ईरान में रिजीम चेंज करना बहुत मुश्किल काम है.










