
'कई लोग गाय को पशु नहीं मानते...', PM मोदी ने सुनाया एनिमल लर्वस का मजेदार किस्सा, लगे ठहाके
AajTak
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आवारा कुत्तों के स्थानांतरण को लेकर चल रही बहस पर मजाकिया टिप्पणी करते हुए पशु प्रेमियों के डबल स्टैंडर्ड पर तंज कसा. विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत में कई पशु प्रेमी गाय को जानवर नहीं मानते. प्रधानमंत्री की ये बात सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 'ज्ञान भारतम्' नाम का एक नया डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है. दिल्ली के विज्ञान भवन में कार्यक्रम का शुक्रवार शाम को आयोजन हुआ. यह पोर्टल ख़ासकर भारत के पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए बनाया गया है. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एनिमल लवर्स के साथ मुलाक़ात का मजेदार किस्सा सुनाया और पशु प्रमियों की सोच पर भी सवाल उठाया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने हाल में ही एक पशु प्रेमी से मुलाक़ात की थी. प्रधानमंत्री की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे. फिर प्रधानमंत्री ने कहा, 'आप लोगों को हंसी क्यों आ रही है? हमारे देश में ऐसे बहुत से लोगों हैं जो कि ख़ासकर गाय को पशु नहीं मानते हैं.' प्रधानमंत्री की यह बात सुनकर लोग और हंसने लगे.
प्रधानमंत्री की ओर से ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दिल्ली के आवारा कुत्तों का मामला हाल में ही सुर्खियों में बना हुआ था. सुप्रीम कोर्ट ने पहले तो राजधानी के सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दिया था. हालांकि, बाद में कोर्ट ने कहा कि रैबीज या आक्रामक व्यवहार वाले कुत्तों को छोड़कर, अन्य सभी कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद छोड़ दिया जाए.
यह भी पढ़ें: 'मां को राजनीति के तराजू पर तौलना पाप', PM मोदी की मां के AI वीडियो पर बोले तेज प्रताप यादव
बता दें कि मोदी सरकार गायों के कल्याण के लिए समय-समय पर कदम उठाते रहती है. जैसे - राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाना.
क्या है ज्ञान भारतम् पोर्टल?

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







