
कंबोडिया के नए साल पर भारतीय राजनयिक ने पहनी 'अप्सरा' की पोशाक
AajTak
कंबोडिया में भारतीय एंबेसडर देवयानी खोबरागड़े ने कंबोडियन के नए साल के मौके पर अपनी शुभकामनाएं देने के लिए 'खमेर अप्सरा' की पोशाक पहनकर एक फोटोशूट कराया.
कंबोडिया (Cambodia) में भारतीय राजदूत देवयानी खोब्रोगड़े (Devyani Khobrogade) ने कंबोडियाई नव वर्ष की शुभकामनाएं देने के लिए 'खमेर अप्सरा' की पारंपरिक पोशाक पहनी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. भारतीय विदेश सेवा (IFS) ऑफिसर खोब्रोगड़े ने 'खमेर अप्सरा' की पोशाक में एक फोटोशूट करवाया. बता दें कि 2013 में भारत और अमेरिका के बीच पैदा हुए तनाव की वजह देवयानी खोब्रोगड़े ही थीं.
एंबेसडर देवयानी खोबरागड़े की खमेर संस्कृति और परंपरा काफी पसंद करती हैं. खमेर नव वर्ष की खुशियों में शामिल होते हुए, उन्होंने खमेर अप्सरा के रूप में सुंदर ढंग से कपड़े पहने, जो सभ्यताओं के समृद्ध बंधन का प्रतीक है. सोशल मीडिया हैंडल India in Cambodia से किए गए पोस्ट में लिखा कि हमारे सभी दोस्तों को खमेर नव वर्ष की शुभकामनाएं.
शिक्षा से डॉक्टर, खोबरागड़े 1999 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल हुईं और कई सालों तक बर्लिन, न्यूयॉर्क, इस्लामाबाद और रोम में कार्यभार संभाला. हालांकि, न्यूयॉर्क में उनकी सेवा के वक्त में एक नाटकीय मोड़ आया, जब उन्हें दिसंबर 2013 में वीजा धोखाधड़ी और झूठे बयान देने के आरोप में दक्षिणी जिला न्यूयॉर्क (SDNY) के US अटॉर्नी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया.
एक अलग मामले में, खोबरागड़े को अपने डोमेस्टिक वर्कर को अमेरिका में अनिवार्य न्यूनतम वेतन से कम भुगतान करने के आरोपों का सामना करना पड़ा था. आरोपों को 'झूठा और निराधार' बताते हुए उन्होंने खुद का बचाव किया. आखिरकार, एक अमेरिकी अदालत ने राजनयिक छूट का हवाला देते हुए आरोपों को खारिज कर दिया.

पाकिस्तान की ओर से बड़ा दावा किया गया है. पाक का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को गाजा शांति समझौता में शामिल होने का न्योता दिया गया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय कहा कि पाकिस्तान गाजा में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार दोपहर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में पहुंचे. उन्होंने सिंगूर में कई अहम विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया. वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से फर्जी और भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य को लेकर मढ़ी तोड़े जाने और मूर्तियों के नुकसान के आरोपों से विवाद खड़ा हो गया है. वायरल तस्वीरों के बाद विपक्ष ने सरकार पर विरासत के विध्वंस का आरोप लगाया. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निरीक्षण कर कहा कि कोई मंदिर या मूर्ति नहीं टूटी है. सरकार के मुताबिक मूर्तियां सुरक्षित रखी गई हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को हुगली पहुंचे और सिंगूर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया. जनसभा में उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए पूर्वी भारत का विकास जरूरी है और इसी दिशा में केंद्र सरकार काम कर रही है. पीएम ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत का जिक्र करते हुए काशी और बंगाल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की बात कही.









